फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Young children braving danger to go to school across the swollen Gori River using a pulley system

Pithoragarh News: उफनाई गोरी नदी में गरारी के सहारे खतरा मोल लेकर पढ़ने जा रहे नौनिहाल

Mon, 06 Jul 2026 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 06 Jul 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
Young children braving danger to go to school across the swollen Gori River using a pulley system
बंगापानी (पिथौरागढ़)। गांव-गांव तक सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावों को दुर्गम गांव मनकोट हवाई साबित कर रहा है। अब तक भी गांव के नौनिहाल और अन्य ग्रामीण रोजाना गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर उफनाई गोरी नदी को पार कर रहे हैं। यदि हल्की सी चूक हो तो सीधे नदी में समाने का डर हमेशा बना रहता है।
विज्ञापन

पिथौरागढ़ के बंगापानी तहसील में मनकोट के लोगों के लिए गोरी नदी पार करने के लिए आज तक एक स्थायी पुल नहीं बन सका है। यहां के बच्चों की हिम्मत ही है कि एक रस्सी के सहारे गरारी खींचकर उफनाई गोरी नदी पार कर अपना भविष्य बनाने खतरा मोल लेकर रोजाना स्कूल जा रहे हैं। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब गांव में कोई घायल या गंभीर रूप से बीमार हो जाता है। ऐसी स्थिति में गरारी से गोरी नदी पार करने में ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं। कई बार सर्वे तो किया गया लेकिन आज तक पक्का पुल के सपना साकार नहीं हो सका है। जिम्मेदारों की यह अनदेखी गांव के लिए किसी नासूर से कम नहीं है। हालात यह है कि गरारी के सहारे नदी पार करने में खतरे की आशंका को देखते हुए अभिभावकों की चिंता बच्चों के घर पहुंचने तक कम नहीं होती है।
विज्ञापन


मानसून में दिखता है गोरी नदी का रौद्र रूप
मानसून काल में गोरी नदी अपने साथ नदी किनारे बने निर्माण और जमीन भी अपने साथ बहा ले जाती है। पूर्व में इस गांव तक जाने के लिए चार गरारी और लकड़ी का एक पैदल पुल भी था। गोरी नदी इन्हें बहा ले गई। तीन गरारी वर्ष 2013, 2017 और 2020 में आई आपदा की भेंट चढ़ गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

........
कोट-कांग्रेस की सरकार में मनकोट में गोरी नदी पर पक्के का निर्माण शुरू हो गया था। 2018 की आपदा में पुल का एलाइनमेंट क्षतिग्रस्त हो गया। भाजपा की सरकार आई तो इस पुल का निर्माण रोक दिया गया जो अब तक शुरू नहीं हो सका है। मौजूदा सरकार सिर्फ हवाई दावे करती है। -हरीश धामी, विधायक, धारचूला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed