पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में गोवर्द्धन पूजा परंपरागत ढंग से की गई। इस दौरान महिलाओं ने गाय के गोबर से गोवर्द्धन पर्वत बनाकर पूजा अर्चना की।
जिला मुख्यालय के पौंण, बड़ौली, हुड़ेती, दाड़िमखोला, टकाड़ी, टकौड़ा, एंचोली, चंडाक, बांस, नाकोट समेत धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, झूलाघाट में महिलाओं ने गाय की पूजा की। गाय के गोबर से गोवर्द्धन पर्वत बनाकर पूजा-अर्चना की और भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि देवराज इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्द्धन पर्वत की पूजा करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। पंडित विनोद पांडेय ने बताया कि पूजा करने से सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है।