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Pithoragarh News: पशुपालन के जरिये आत्मनिर्भर बन रहीं सीमांत की महिलाएं
Sun, 14 Jun 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। उड़ान सीएलएफ के 10 स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने सातवीं वाहिनी आईटीबीपी, मिर्थी को 604 किलोग्राम जीवित बकरियों की आपूर्ति की है। इससे महिलाओं को 1,95,696 रुपये की आमदनी हुई है।
सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की पशुपालन गतिविधियों में संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने, पशुपालन उत्पादन प्रबंधन, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन में ग्रामोत्थान परियोजना और पशुपालन विभाग सहयोग कर रहे हैं।
समूहों को व्यवसाय करने के लिए सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहना पड़ रहा बल्कि उन्हें संस्थागत बाजार भी उपलब्ध हो रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का प्रभावी माध्यम बन रही है। इन गतिविधियों से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन गांव की अर्थव्यवस्था के विकास में भी योगदान दे रही हैं।
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सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की पशुपालन गतिविधियों में संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने, पशुपालन उत्पादन प्रबंधन, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन में ग्रामोत्थान परियोजना और पशुपालन विभाग सहयोग कर रहे हैं।
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समूहों को व्यवसाय करने के लिए सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहना पड़ रहा बल्कि उन्हें संस्थागत बाजार भी उपलब्ध हो रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का प्रभावी माध्यम बन रही है। इन गतिविधियों से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन गांव की अर्थव्यवस्था के विकास में भी योगदान दे रही हैं।
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