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नदी में छोड़े गए करंट से महिला झुलसी
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:17 AM IST
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महिला को लगा करंट
- फोटो : अमर उजाला
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थल (पिथौरागढ़)। नदियों में मछली मारने के लिए अब अराजक तत्व नदी में करंट दौड़ाने लगे हैं। ऐसी ही एक करतूत से एक महिला की जान पर बन आई है। घास काटने के दौरान करंट की चपेट में आई महिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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लोधियाथल निवासी विमला देवी (32) पत्नी नवीन कुमार बुधवार सुबह गांव के पास ही घास काटने के लिए गई थी।
सुबह करीब 10 बजे उसका हाथ जमीन से लगे एक तार से लग गया, वह करंट की चपेट में आ गई। महिला के चिल्लाने पर लोग मौके पर पहुंचे। महिला को गौचर अस्पताल लाया गया। करंट से महिला का एक हाथ और कमर का निचला हिस्सा सुन्न हो गया है। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को 108 वाहन से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अराजक तत्वों ने बरड़ नदी में मछली मारने के लिए बिजली के करंट से युक्त तार लगा रखा था जिससे महिला को करंट लगा। लोगों ने अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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उधर, थल तहसील के प्रभारी तहसीलदार पीसी पंत कहते हैं कि यह आपराधिक मामला है। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करें तो कार्रवाई हो सकती है। यानि कि प्रशासनिक तंत्र अपनी ओर से कोई कदम नहीं उठाएगा। मछलियों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार वन विभाग भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर डीएन राय कहते हैं कि मामले की पड़ताल की जाएगी। आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि थल, नाचनी क्षेत्र में पिछले 10 साल से करंट से मछली मारने का आपराधिक कृत्य किया जा रहा है। एक माह पहले अमर उजाला ने इस पर रपट भी छापी थी लेकिन प्रशासनिक तंत्र, वन और बिजली महकमा हरकत में नहीं आया।
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