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खेतों में फसल चौपट, अब बीज कहां से आएगा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 11:25 AM IST
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wild animals
सूअरों द्वारा मसूर की खेती को पहुँचाया नुकसान। - फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो
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पिथौरागढ। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है। बंदर और सूअर तैयार हो रही फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई किसानों के खेतों में बीज संग्रह के लायक भी फसलें नहीं बची है। कनालीछीना ब्लॉक के विभिन्न गांवों में सूअरों ने मसूर की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। जंगली जानवरों के आतंक से किसान परेशान है। पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों गेहूं, जौ और मसूर की फसलें तैयार हो रही हैं, लेकिन किसानों के इन फसलों को समेटने से पहले ही जंगली जानवर कहर बनकर टूट रहे हैं। दिन में बंदर तो रात को सूअर फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं। विकासखंड के गुडौली, लमडा, दौला, ख्वांतड़ी समेत तमाम गांव में जंगली सूअरों ने मसूर के खेत खोद डाले हैं। हालात यह हैं कि कई किसानों के पास बीज के संग्रह के लायक भी खेतों में फसलें नहीं है। त्रिलोक चंद्र, प्रकाश चंद्र सहित अन्य किसानों का कहना है कि पहाड़ की खेती पर कभी मौसम तो कभी जंगली जानवरों की मार रहती है। आज तक जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
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