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तेरे मन में ऐसी कुमति बसी क्यों राम को वन जो दीन्हा...
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 07 Nov 2016 05:25 PM IST
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जाख की रामलीला में भरत-कैकयी संवाद।
- फोटो : अमर उजाला
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जाख की रामलीला में राम के वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। राम को वनवास देने पर भरत ने माता कैकई को खूब खरीखोटी सुनाई। बांस, आठगांवशिलिंग, क्वीतड़ में रामलीला जारी है।
जाख की रामलीला में राम के वन जाने के बाद वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। महर्षि वशिष्ठ की सलाह पर ननिहाल से भरत, शत्रुघ्न को बुलाया जाता है। पिता के निधन का समाचार सुनकर भरत, शत्रुघ्न काफी दुखी हो जाते हैं। राम, लक्ष्मण, सीता के वन जाने से दोनों का दुख और बढ़ जाता है।
भरत अपनी माता कैकई पर क्रोधित होकर कहते हैं‘तेरे मन में ऐसी कुमति बसी क्यों राम को वन जो दीन्हा, राम विरोधी हृदय ते प्रगट कीन्ही विधि मोहि, मो समान को पातकी वादि कहूं क्या तोहि, राम, लखन वन-वन फिरे, धर मुनियों का वेश, तू मुझको राजा करे, जरा दुख का लेश’। शत्रुघ्न क्रोध में दासी मंथरा को लात मार देते हैं।
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इसके पश्चात भरत, शत्रुघ्न तीनों माताओं और गुरु वशिष्ठ के साथ चित्रकूट पहुंचते हैं। भगवान राम से वापस अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। भगवान राम वापस लौटने से इंकार करते हुए भरत को अपनी खड़ाऊं देकर वापस अयोध्या भेज देते हैं। मुख्य अतिथि विधायक मयूख महर, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी थे।
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जाख की रामलीला में राम के वन जाने के बाद वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। महर्षि वशिष्ठ की सलाह पर ननिहाल से भरत, शत्रुघ्न को बुलाया जाता है। पिता के निधन का समाचार सुनकर भरत, शत्रुघ्न काफी दुखी हो जाते हैं। राम, लक्ष्मण, सीता के वन जाने से दोनों का दुख और बढ़ जाता है।
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भरत अपनी माता कैकई पर क्रोधित होकर कहते हैं‘तेरे मन में ऐसी कुमति बसी क्यों राम को वन जो दीन्हा, राम विरोधी हृदय ते प्रगट कीन्ही विधि मोहि, मो समान को पातकी वादि कहूं क्या तोहि, राम, लखन वन-वन फिरे, धर मुनियों का वेश, तू मुझको राजा करे, जरा दुख का लेश’। शत्रुघ्न क्रोध में दासी मंथरा को लात मार देते हैं।
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इसके पश्चात भरत, शत्रुघ्न तीनों माताओं और गुरु वशिष्ठ के साथ चित्रकूट पहुंचते हैं। भगवान राम से वापस अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। भगवान राम वापस लौटने से इंकार करते हुए भरत को अपनी खड़ाऊं देकर वापस अयोध्या भेज देते हैं। मुख्य अतिथि विधायक मयूख महर, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी थे।