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पीएम के किस कमरे की बिजली गुल हो गई जो बांध का ऐलान कर दिया 

Sun, 23 Jul 2017 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sun, 23 Jul 2017 11:09 PM IST
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Which room of the PM got the power of the dam, which declared the dam
विमल - फोटो : अमर उजाला
बांध विस्थापन और पुनर्वास पर काम कर रहे माटू जनसंगठन के संयोजक विमल भाई ने कहा है कि डूब क्षेत्र के लोगों को जानकारी दिए बगैर पंचेश्वर बांध की जनसुनवाई करना ठीक नहीं है। जिस तरह बांध बनाने के लिए जिद की जा रही है, जनसुनवाई के लिए जिद न की जाए। उन्होंने साफ शब्दों में ऐलान किया कि उनका संगठन किसी भी जिले में प्रस्तावित जनसुनवाई को नहीं होने देगा। विमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके किस कमरे की बिजली गुल हो गई थी, जो हजारों लोगों को बेघर कर बांध परियोजना बनाने का फैसला लेना पड़ा। 
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पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में पड़ने वाले इलाकों का भ्रमण करने के बाद रविवार को यहां पहुंचे विमल भाई ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि डूब क्षेत्र के किसी भी गांव तक अभी जनसुनवाई की जानकारी प्रशासन नहीं पहुंचा पाया है। पिथौरागढ़ में 11 अगस्त को जनसुनवाई होनी है, लेकिन प्रभावित इलाके के लोगों को इसका पता तक नहीं है। इसी तरह चंपावत में नौ अगस्त और अल्मोड़ा में 17 अगस्त को जनसुनवाई की तिथि तय की गई है। तीनों जिलों के जिलाधिकारियों से मिलकर जनसुनवाई स्थगित करने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि देश में बिजली की कमी है तो उसे छोटे बांध बनाकर पूरा किया जा सकता है। विमल भाई ने कहा कि जनसुनवाई जिला मुख्यालयों में बंद कमरों में कराने के बजाए डूब क्षेत्र के किसी बड़े कस्बे में खुले मंच पर होनी चाहिए। 
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टिहरी बांध के परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बांध से होने वाली आय का 12 प्रतिशत पुनर्स्थापन और एक प्रतिशत स्थानीय विकास में खर्च करने की बात कही थी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सरकार ने टिहरी के डूब क्षेत्रों का पिछले 20 वर्षों से विकास बंद कर रखा था, ताकि लोगों को मजबूरी में अपने गांवों को छोड़ना पड़े। विमल भाई ने कहा कि विकास का यह नारा सिर्फ जनता को धोखे में रखने के लिए होता है। बाद में जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है। 
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