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कब बनेगा नेपाल को जोड़ने के लिए पुल

Tue, 23 Aug 2016 10:01 PM IST
राजेश पंगरिया/अमर उजाला, झूलाघाट
राजेश पंगरिया/अमर उजाला, झूलाघाट Updated Tue, 23 Aug 2016 10:01 PM IST
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When the bridge will connect Nepal
इसी स्थान पर प्रस्तावित है मोटर पुल - फोटो : अमर उजाला

नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे ने पिछले वर्ष जब सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था, तब उन्होंने कहा था कि नेपाल को जोड़ने के लिए झूलाघाट में पुल का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा, लेकिन एक वर्ष बाद भी इस दिशा में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। झूलाघाट में नेपाल को जोड़ने के लिए पुल के निर्माण का सर्वे 1998 से चल रहा है। हर बार यही उम्मीद जताई जाती रही है कि अब पुल का निर्माण हो जाएगा। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन अपने स्तर से केंद्र सरकार को कई बार प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन नेपाल के साथ पुल निर्माण की अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

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झूलाघाट में नेपाल को जोड़ने के लिए 105 मीटर लंबा और 4.25 मीटर चौड़ा मोटर पुल प्रस्तावित है। फरवरी 2006 में जब पुल की डीपीआर तैयार की गई, तब इसकी लागत 4.12 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पुल निर्माण का सारा खर्च भारत सरकार को उठाना है। नेपाल को सिर्फ इसकी सहमति देनी है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एनसी जोशी का कहना है कि यदि पुल निर्माण की मंजूरी मिल जाती है तो उनका विभाग इस पर काम शुरू कर देगा। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल का कहना है कि केंद्र सरकार के माध्यम से नेपाल सरकार को कई बार प्रस्ताव जा चुके हैं।
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पर्यटन विकास में सहायक होगा पुल
झूलाघाट में पुल बनने पर पर्यटन विकास में तेजी आएगी। नेपाल सरकार ने पिछले साल जुलाघाट से काठमांडू तक 1000 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर दिया है। मध्य पहाड़ी लेक मार्ग नाम की यह सड़क नेपाल के कई मंदिरों, दर्शनीय स्थलों, गुफाओं से होकर जाती है, यदि नेपाल को जोड़ने वाला पुल बन जाए तो पश्चिमी नेपाल के साथ-साथ भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन विकास होने लगेगा।
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पुल के रास्ते ही आएंगे भारत
बैतड़ी वाणिज्य संघ के अध्यक्ष नरबहादुर चंद ने यह प्रतिज्ञा ली है कि जब तक झूलाघाट में पुल नहीं बन जाता, तब तक वह भारत नहीं जाएंगे। उनका संकल्प है कि भारत जाने के लिए वाहन से ही सफर करेंगे। अपनी मंशा को उन्होंने पत्र के माध्यम ने नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड को भी बता दिया है। उनका कहना है कि व्यावसायिक विकास के लिए भी पुल का निर्माण किया जाना जरूरी है और पुल बनने पर झूलाघाट में अच्छी मंडी विकसित हो जाएगी।

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