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नंदादेवी की ध्वजाओं का मुनस्यारी में स्वागत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:29 PM IST
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मुनस्यारी में नंदादेवी की ध्वजाओं का स्वागत करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ में 19 फरवरी से होने वाले सीमांत वसंतोत्सव में शामिल होने के लिए सुरिंग गांव से नंदादेवी की ध्वजाएं लेकर भक्त शनिवार सुबह मुनस्यारी पहुंच गए। कई स्थानों पर ध्वजाओं का स्वागत हुआ। 18 फरवरी की शाम यह ध्वजाएं पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान पहुंच जाएंगी। पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नंदादेवी की ध्वजाएं शामिल होंगी।
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सुरिंग गांव से चलकर लोग शनिवार सुबह मुनस्यारी के उल्का मंदिर, नानासेम महाकाली मंदिर, शिव मंदिर होते हुए तल्ला जोहार को रवाना हुए। जैंती, नानासेम, सरमोली, तल्ला मल्ला बूंगा, घोरपट्टा, मर्तोलिबाड़ा, नईबस्ती के महिला मंगल दलों एवं स्थानीय लोगों ने अपने पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत, पूजा अर्चना करने के बाद प्रसाद वितरण कर आगे भेजा। डोला उप समिति के संयोजक देवेंद्र सिंह देवा ने बताया कि इस डोले के आगमन पर सैकड़ों लोगों ने एक मुट्ठी चावल, धूप बत्ती, भेंट आदि चढ़ावा दिया। स्कूली बच्चों ने बैंडवादन के साथ ध्वजाओं का स्वागत किया।
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ध्वजाओं के साथ चल रहे सीमांत सेवा फाउंडेशन के सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि शनिवार को यह डोली यात्रा मुनस्यारी होते हुए रविवार सुबह पिथौरागढ़ को रवाना होगी। इस अवसर पर जैंती के प्रधान नरेंद्र कोरंगा, उल्का मंदिर कमेटी अध्यक्ष महेश रावत, किशन सिंह निखुर्पा, गोकुल मर्तोलिया, लवराज रावत, बबलू लोहनी, पाना राम, कमलेश जोशी आदि मौजूद थे।
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