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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Water Crisis in Pithoragarh

पिथौरागढ़ में कई हिस्सों में पानी को तरसे लोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 11:48 PM IST
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Water Crisis in Pithoragarh
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पानी न आने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जल संस्थान की ओर से पेयजल की आपूर्ति रोस्टर के हिसाब से की जा रही है।
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शनिवार को नगर के कई हिस्सों में पानी की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। टकाना क्षेत्र में पानी नहीं आने के कारण लोगों के जरूरी काम नहीं हो पाए। लोगों का कहना है कि पानी की आपूर्ति कम होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम और जल संस्थान लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। पेयजल आपूर्ति न होने से करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुछ दिन पूर्व लोगों ने विधायक चंद्रा पंत को पेयजल की समस्या से अवगत कराया था। इसके बाद 28 अक्तूबर को विधायक ने जल संस्थान और जलनिगम के अधिकारियों के साथ आंवलाघाट पंपिंग योजना का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुचारु करने को कहा था। लेकिन इसके बाद भी पानी की समस्या को लेकर जनता परेशान है। जल संस्थान के ईई अशोक कुमार ने बताया कि आंवलाघाट पंपिंग योजना से पानी नहीं मिलने के कारण दिक्कत आई है। इसके चलते रोस्टर के हिसाब से पानी दिया गया है। इधर मामले में जल निगम के अधिकारियों से बात नहीं हो सकी।
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पानी की नियमित आपूर्ति न होने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रोज पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। पानी का स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है।
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- प्रियकांत उपाध्याय, उपभोक्ता
पानी की समस्या के चलते काफी परेशानी होती है। लोगों को पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। विभाग की ओर से बिल पूरा लिया जा रहा है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।

- किशोर पाठक, स्थानीय निवासी
पानी की समस्या आम हो गई है। कई दिन पानी की आपूर्ति ठप रहने से मुश्किल हो जाती है। लोग सुबह से ही प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाने को मजबूर होते हैं।
- रजनीश वर्मा, लिंक रोड
करोड़ों की लागत से बनी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी पर्याप्त पानी कब मिलेगा इसे बताने में अक्षम है।
- जुगल किशोर पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता
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