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Pithoragarh News: शिक्षकों का तबादला कर जिले से भेजा, नए गुरु देना भूले
Thu, 01 Oct 2026 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:37 PM IST
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चंपावत। जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। स्थानांतरण के बाद 33 शिक्षक जिले से बाहर चले गए जबकि उनके स्थान पर केवल आठ नए शिक्षक ही आए हैं। इससे पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में स्थिति और गंभीर हो गई है।
सीमांत जिले चंपावत में कक्षा छह से 12वीं तक के 105 विद्यालय संचालित हैं जहां करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। प्रवक्ता संवर्ग में 560 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले केवल 220 प्रवक्ता ही तैनात हैं जिससे 340 पद रिक्त हैं। अनुरोध पर 11 प्रवक्ता का स्थानांतरण अन्य जिलों में हुआ। इसके विपरीत, केवल तीन प्रवक्ता ही जिले में आए। इसी तरह, एलटी संवर्ग में 766 सहायक अध्यापकों के स्वीकृत पदों में से 665 कार्यरत हैं। इस संवर्ग में भी 101 पद खाली हैं। 22 एलटी शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ और उनके स्थान पर महज पांच शिक्षक ही चंपावत पहुंचे। शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद रिक्त पदों की संख्या और बढ़ गई है।
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जिलेभर में 440 पद रिक्त
जिले में एलटी और प्रवक्ता संवर्ग में शिक्षकों के कुल 1326 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 440 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और लंबे समय से रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
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विज्ञान के शिक्षक भूगोल पढ़ाने को मजबूर
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के विभिन्न विद्यालयों में करीब 200 अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से कई विद्यालयों में खनन न्यास के माध्यम से व्यवस्था के तहत शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसके बाद भी कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां एलटी संवर्ग के शिक्षक इंटरमीडिएट कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। विद्यालयों में हिंदी के शिक्षक गणित और विज्ञान के शिक्षक भूगोल पढ़ाने को मजबूर हैं।
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अनुरोध के आधार पर शासन स्तर से शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। जिले से प्रवक्ता संवर्ग के 11 और एलटी संवर्ग के 22 शिक्षकों का अन्य जिलों में स्थानांतरण हुआ है। उनके स्थान पर जिले में आठ शिक्षक आए हैं। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। -मान सिंह, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत
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सीमांत जिले चंपावत में कक्षा छह से 12वीं तक के 105 विद्यालय संचालित हैं जहां करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। प्रवक्ता संवर्ग में 560 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले केवल 220 प्रवक्ता ही तैनात हैं जिससे 340 पद रिक्त हैं। अनुरोध पर 11 प्रवक्ता का स्थानांतरण अन्य जिलों में हुआ। इसके विपरीत, केवल तीन प्रवक्ता ही जिले में आए। इसी तरह, एलटी संवर्ग में 766 सहायक अध्यापकों के स्वीकृत पदों में से 665 कार्यरत हैं। इस संवर्ग में भी 101 पद खाली हैं। 22 एलटी शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ और उनके स्थान पर महज पांच शिक्षक ही चंपावत पहुंचे। शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद रिक्त पदों की संख्या और बढ़ गई है।
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जिलेभर में 440 पद रिक्त
जिले में एलटी और प्रवक्ता संवर्ग में शिक्षकों के कुल 1326 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 440 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और लंबे समय से रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
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विज्ञान के शिक्षक भूगोल पढ़ाने को मजबूर
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिले के विभिन्न विद्यालयों में करीब 200 अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से कई विद्यालयों में खनन न्यास के माध्यम से व्यवस्था के तहत शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसके बाद भी कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां एलटी संवर्ग के शिक्षक इंटरमीडिएट कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। विद्यालयों में हिंदी के शिक्षक गणित और विज्ञान के शिक्षक भूगोल पढ़ाने को मजबूर हैं।
अनुरोध के आधार पर शासन स्तर से शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। जिले से प्रवक्ता संवर्ग के 11 और एलटी संवर्ग के 22 शिक्षकों का अन्य जिलों में स्थानांतरण हुआ है। उनके स्थान पर जिले में आठ शिक्षक आए हैं। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। -मान सिंह, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत