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बढ़ती गर्मी के साथ ही नौले-धारों में बढ़ने लगी लोगों की भीड़
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पिथौरागढ़। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के लिए नौलों और धारों पर लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। पिथौरागढ़ के महादेव धारे पर सुबह से ही सैकड़ों लोग पानी भरने के लिए पहुंच रहे हैं।
पिथौरागढ़ शहर के बीचोंबीच स्थित अधिकांश नौले और धारे प्रदूषित हो गए हैं लेकिन अभी भी कुछ धारे ऐसे हैं जो लोगों की प्यास बुझा रहे हैं।
इन धारों में हुड़ेती का महादेव धारा, रई धारा, पुरानी बाजार का शिवधारा, वड्डा के पास स्थित हुड़कन्ना का धारा प्रमुख हैं। इनमें से महादेव धारा ऐसा धारा है जहां से पानी भरने के लिए सबसे अधिक लोगों की भीड़ जुटती है।
इस धारे से हुड़ेती गांव के साथ ही सरस्वती विहार कॉलोनी, पियाना, जीआईसी, कुजौली, टकाना और लिंक रोड से भी बड़ी संख्या में लोग पानी भरकर ले जाते हैं। गर्मी शुरू होते ही इस धारे में लोगों की भीड़ भी बढ़ती जाती है।
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सुबह चार बजे से रात 11 बजे तक पानी भरने वाले लोग इस धारे पर जुटे रहते हैं। धारे के आसपास और ऊपरी क्षेत्र में आबादी न होने से धारे का पानी साफ रहता है। मंगलवार को भी सुबह से ही धारे से पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
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पिथौरागढ़ शहर के बीचोंबीच स्थित अधिकांश नौले और धारे प्रदूषित हो गए हैं लेकिन अभी भी कुछ धारे ऐसे हैं जो लोगों की प्यास बुझा रहे हैं।
इन धारों में हुड़ेती का महादेव धारा, रई धारा, पुरानी बाजार का शिवधारा, वड्डा के पास स्थित हुड़कन्ना का धारा प्रमुख हैं। इनमें से महादेव धारा ऐसा धारा है जहां से पानी भरने के लिए सबसे अधिक लोगों की भीड़ जुटती है।
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इस धारे से हुड़ेती गांव के साथ ही सरस्वती विहार कॉलोनी, पियाना, जीआईसी, कुजौली, टकाना और लिंक रोड से भी बड़ी संख्या में लोग पानी भरकर ले जाते हैं। गर्मी शुरू होते ही इस धारे में लोगों की भीड़ भी बढ़ती जाती है।
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सुबह चार बजे से रात 11 बजे तक पानी भरने वाले लोग इस धारे पर जुटे रहते हैं। धारे के आसपास और ऊपरी क्षेत्र में आबादी न होने से धारे का पानी साफ रहता है। मंगलवार को भी सुबह से ही धारे से पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।