{"_id":"5fba986b8ebc3e9b977513b4","slug":"water-crises-in-seepo-nayabasti-pithoragarh-news-hld404833550","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम पंचायत सीपू में लोगों को हैंड पंपों का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम पंचायत सीपू में लोगों को हैंड पंपों का सहारा
विज्ञापन
धारचूला के ग्राम पंचायत सीपू नयाबस्ती में पानी के लिए लोगों को लगानी पड़ रही है लाइन। संवाद न्यूज
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। तहसील के ग्राम पंचायत सीपू नया बस्ती में लोग पानी के लिए परेशान हैं। लोग घरों के लिए हैंडपंपों से आपूर्ति कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्राम पंचायत सीपू की प्रधान शांति देवी ने एसडीएम को पत्र भेजकर पानी की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार माह से 50 परिवार पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्हें पेयजल के लिए सिर्फ हैंडपंपों का ही सहारा है। प्रधान शांति ने बताया कि पलायन पर गए परिवार अब गांव लौट आए हैं। ऐसे में दिक्कत और बढ़ गई है।
ठंड के मौसम में उन्हें पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। लोग लाइन लगाकर घंटों पानी के लिए खड़े रहते हैं। इसके चलते उनका अधिकांश समय पानी की आपूर्ति में ही बीत रहा है। कई बार विभाग के अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शीघ्र पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थाएं की जाएं। यदि पेयजल संकट का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत सीपू की प्रधान शांति देवी ने एसडीएम को पत्र भेजकर पानी की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार माह से 50 परिवार पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्हें पेयजल के लिए सिर्फ हैंडपंपों का ही सहारा है। प्रधान शांति ने बताया कि पलायन पर गए परिवार अब गांव लौट आए हैं। ऐसे में दिक्कत और बढ़ गई है।
विज्ञापन
ठंड के मौसम में उन्हें पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। लोग लाइन लगाकर घंटों पानी के लिए खड़े रहते हैं। इसके चलते उनका अधिकांश समय पानी की आपूर्ति में ही बीत रहा है। कई बार विभाग के अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शीघ्र पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थाएं की जाएं। यदि पेयजल संकट का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन