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सस्ती शिक्षा मिल जाए, महीने में एक बार तो हलवा पूड़ी खा पाएं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jan 2022 12:03 AM IST
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Wanted Budget For Devlopment
Wanted Budget For Devlopment
पिथौरागढ़/चंपावत। एक फरवरी को केंद्र के बजट पर महिलाओं की खासी नजर है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस बार उनके लिए कुछ अलग देगी। महंगी रसोई गैस से उनको निजात मिलेगी। अब महिलाएं चर्चा करती हैं कि केंद्र सरकार बजट के पिटारे से उनके लिए क्या निकलेगा।
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महिलाओं का कहना है कि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा कम दरों पर मिलनी चाहिए। बजट ऐसा हो जिससे महंगाई पर लगाम लगे और महीने में एक बार ही सही वह परिवार को हलवा-पूड़ी खिला पाएं। इधर व्यापारी बजट से जीएसटी की दरों के निर्धारण में कमी की उम्मीद कर रहे हैं तो युवा वर्ग को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कुछ नया मिलने की उम्मीद है।
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बजट का बेसब्री से इंतजार है। देखते हैं इस बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन महिला होकर महिलाओं के दर्द को समझेंगी की नहीं। उम्मीद है वो देश की हर घर की महिला की रसोई का ध्यान रखना चाहेंगी। - कमला बिष्ट, गृहिणी, पिथौरागढ़
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बढ़ते दामों को कम करने के लिए बजट में तो कुछ चाहिए। रसोई गैस, खाद्य तेल के दामों में कमी की जानी चाहिए। लगातार बढ़ते दाम से तो घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में कम होनी चाहिए। - रेनू शर्मा, गृहिणी, पिथौरागढ़
कोरोना के कारण बेरोजगार हो चुके युवाओं के लिए रोजगार अवसर भी होने चाहिए। सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। पिछले कई सालों से रोजगार के अवसर नहीं मिले हैं। - लीला शर्मा, गृहिणी, पिथौरागढ़।
सीमांत क्षेत्रों में संचार और स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए बजट में कुछ तो रखा जाए। रिचार्ज के दाम कम होने चाहिए। जिन चीजों का जनता अधिक उपयोग करती है उनके दाम कम होने चाहिए। - किरन चिराल, मुनस्यारी।
रोजगार को बढ़ावा देने वाला हो बजट
चंपावत। युवाओं का मानना है कि कोरोना के कारण देश में सरकारी नौकरियां घट रहीं हैं। ऐसे में युवाओं का कहना है कि युवाओं को नौकरी देने के साथ स्वरोजगार के इच्छुक लोगों को कम ब्याज दरों पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कई युवा अपने भविष्य के लिए बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि देश की आजादी के 75 साल बाद भी देश में रोजगार का संकट होना चिंताजनक है।
प्रदेश में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके सापेक्ष सरकारी नौकरियां कम होती जा रहीं हैं। केंद्रीय बजट से उम्मीद है कि युवाओं की बेहतरी के साथ ही रोजगार भी बढ़ाने की बात होगी। - भुवन जोशी, तामली।
भाजपा सरकार की ओर से केंद्र और प्रदेश में विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस बार भी केंद्रीय बजट में प्रदेश के युवाओं के लिए कुछ नया होगा। - कैलाश पांडेय, मादली।
सरकार युवाओं की अनदेखी कर रही है। इसी कारण उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को नौकरी पाने के लिए जूझना पड़ रहा है लेकिन उम्मीद है कि इस बार का केंद्रीय बजट युवाओं को ध्यान में रख कर बनेगा। - संजय भट्ट, अमोड़ी।

बढ़ती महंगाई के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अच्छा कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में कई विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया गतिमान है। उम्मीद है कि नए बजट में युवाओं को बहुत कुछ मिलेगा। - गौरव पांडेय, चंपावत।
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