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Pithoragarh News: नारायण आश्रम सड़क पर माह भर नहीं होगी वाहनों की आवाजाही ठप
Thu, 10 Sep 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। नारायण आश्रम सड़क पर एक महीने तक वाहनों की आवाजाही थमी रहेगी। ऐसे में ग्रामीणों को पैदल सफर करना होगा। वॉशआउट हुई सड़क पर सुरक्षा लगाने की प्रक्रिया तो शुरू हुई है लेकिन इसके लिए इंतजार करना होगा।
विश्व प्रसिद्ध नाराण आश्रम और क्षेत्र के धारपांगू, रिमझिम, रोतो, हिमखोला, सोसा, सिर्दांग, सिर्खा, जयकोट, कुरीला, पस्ती, मलमासौंग सहित 14 गांवों को जोड़ने वाली सड़क का 50 मीटर हिस्सा बीते दिनों हुई भारी बारिश में वॉशआउट हो गया था।
अब इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने के लिए सुरक्षा दीवार बनाकर नई सड़क का निर्माण ही एकमात्र विकल्प है। जब सुरक्षा दीवार बनेगी तभी इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होगी। इसके लिए इन गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी को लंबा इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बेहद कम समय में सुरक्षा दीवार का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं है हालांकि लोनिवि ने सुरक्षा दीवार लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें 25 लाख रुपये खर्च होंगे।
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पैदल रास्ते का करना पड़ा निर्माण
कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क पर बलमी के पास पहाड़ी दरकने से पैदल रास्ता भी ध्वस्त हो गया था। ऐसे में 14 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई। बमुश्किल लोनिवि ने पहाड़ी के बीच पैदल रास्ते का निर्माण कर ग्रामीणों की आवाजाही सुचारु कराई है। सड़क बनने तक ग्रामीणों को इसी रास्ते से होकर पैदल सफर करना पड़ेगा।
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कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क पर जल्द सुरक्षा दीवार लगाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने का प्रयास है। सुरक्षा दीवार लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। -मो. राशिद, ईई, लोनिवि, अस्कोट
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विश्व प्रसिद्ध नाराण आश्रम और क्षेत्र के धारपांगू, रिमझिम, रोतो, हिमखोला, सोसा, सिर्दांग, सिर्खा, जयकोट, कुरीला, पस्ती, मलमासौंग सहित 14 गांवों को जोड़ने वाली सड़क का 50 मीटर हिस्सा बीते दिनों हुई भारी बारिश में वॉशआउट हो गया था।
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अब इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने के लिए सुरक्षा दीवार बनाकर नई सड़क का निर्माण ही एकमात्र विकल्प है। जब सुरक्षा दीवार बनेगी तभी इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होगी। इसके लिए इन गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी को लंबा इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बेहद कम समय में सुरक्षा दीवार का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं है हालांकि लोनिवि ने सुरक्षा दीवार लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें 25 लाख रुपये खर्च होंगे।
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पैदल रास्ते का करना पड़ा निर्माण
कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क पर बलमी के पास पहाड़ी दरकने से पैदल रास्ता भी ध्वस्त हो गया था। ऐसे में 14 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई। बमुश्किल लोनिवि ने पहाड़ी के बीच पैदल रास्ते का निर्माण कर ग्रामीणों की आवाजाही सुचारु कराई है। सड़क बनने तक ग्रामीणों को इसी रास्ते से होकर पैदल सफर करना पड़ेगा।
कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क पर जल्द सुरक्षा दीवार लगाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने का प्रयास है। सुरक्षा दीवार लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। -मो. राशिद, ईई, लोनिवि, अस्कोट