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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में नहीं होगी वाहनों की फिटनेस, लगानी होगी 150 किमी की दौड़
Wed, 15 Jul 2026 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में अब कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस नहीं होगी। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में फिटनेस की अनिवार्यता करने से सीमांत जिले के वाहन स्वामियों और चालकों की दिक्कत बढ़ गई है। अब कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच के लिए 150 किलोमीटर दूर टनकपुर या 190 किलोमीटर दूर हल्द्वानी की दौड़ लगानी होगी।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में ही कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस की अनिवार्यता पहले ही लागू कर दी गई है। सीमांत जिले में टेस्टिंग स्टेशन न होने से वाहन स्वामियों और चालकों को राहत देने के लिए एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था से वाहन स्वामियों को खासी राहत मिल रही थी। अचानक एआरटीओ कार्यालय का पोर्टल बंद कर स्थानीय स्तर पर कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस बंद कर दी गई है। इससे वाहन स्वामियों और चालकों की दिक्कत बढ़ गई है।
जिले में करीब पांच हजार कॉमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं, इनके संचालन के लिए समय-समय पर फिटनेस जरूरी है। स्थानीय स्तर पर फिटनेस की व्यवस्था बंद होने से अब इन वाहनों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तक पहुंचाना जरूरी होगा। स्थानीय स्तर पर फिटनेस बंद होने से टैक्सी यूनियन, वाहन स्वामियों और चालकों में आक्रोश है। सभी ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तैयार न होने से फिर से एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें राहत नहीं मिली तो चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि स्थानीय स्तर पर वाहनों की फिटनेस की व्यवस्था बंद करना सीमांत जिले की उपेक्षा है।
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दो साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सका ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
चंडाक के मैला में दो साल पूर्व 10.11 करोड़ से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का निर्माण शुरू हुआ। अब तक भी स्टेशन अस्तित्व में नहीं आ सका है।
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ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में ही कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस की अनिवार्यता पहले ही लागू कर दी गई है। सीमांत जिले में टेस्टिंग स्टेशन न होने से वाहन स्वामियों और चालकों को राहत देने के लिए एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था से वाहन स्वामियों को खासी राहत मिल रही थी। अचानक एआरटीओ कार्यालय का पोर्टल बंद कर स्थानीय स्तर पर कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस बंद कर दी गई है। इससे वाहन स्वामियों और चालकों की दिक्कत बढ़ गई है।
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जिले में करीब पांच हजार कॉमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं, इनके संचालन के लिए समय-समय पर फिटनेस जरूरी है। स्थानीय स्तर पर फिटनेस की व्यवस्था बंद होने से अब इन वाहनों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तक पहुंचाना जरूरी होगा। स्थानीय स्तर पर फिटनेस बंद होने से टैक्सी यूनियन, वाहन स्वामियों और चालकों में आक्रोश है। सभी ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तैयार न होने से फिर से एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें राहत नहीं मिली तो चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि स्थानीय स्तर पर वाहनों की फिटनेस की व्यवस्था बंद करना सीमांत जिले की उपेक्षा है।
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दो साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सका ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन
चंडाक के मैला में दो साल पूर्व 10.11 करोड़ से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का निर्माण शुरू हुआ। अब तक भी स्टेशन अस्तित्व में नहीं आ सका है।