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खाली पड़े मकानों में होम स्टे योजना चलेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Thu, 15 Dec 2016 10:28 PM IST
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होम स्टे योजना
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहायक महानिदेशक आईएफएस बीएस बौनाल ने सीमांत के दारमा घाटी के गांवों का दौरा किया तथा वन विभाग की बकरलीप योजना एवं समेकित जलागम योजनाओं का निरीक्षण किया। एडीजी बौनाल ने कहा कि शीघ्र ही गांवों में खाली पड़े मकानों में होम स्टे योजना चलाई जाएगी।
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होम स्टे में पर्यटकों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा जैव विविधता से रोजगार, विकसित और आधुनिक होम स्टे में जन सहभागिता के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत कई कार्य किए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग के कर्मचारियों एवं स्थानीय नामित व्यक्तियों के माध्यम से समिति बनाई जाएगी।
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दारमा क्षेत्र के वन सरपंचों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ कई गांवों के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने वन एवं वन्य जंतु संरक्षण में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से संबंधित कई समस्याएं रखी और सुझाव भी दिए। प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव ने विश्व बैंक से वित्तपोषित बकरलीप योजना के तहत चलाई जा रही वर्तमान योजनाओं, जैव विविधता एवं उनके संरक्षण पर किए जा रहे कामों की जानकारी दी। इस दौरान वन दरोगा नरेंद्र राम, वन रक्षक संतोष पतियाल, हयात बिष्ट, आनंद सिंह, मोहन सिंह बकरलीप के सोशियोलॉजिस्ट नरेंद्र बिष्ट सहित क्षेत्र के सरपंच और जन प्रतिनिधि मौजूद थे।
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