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Pithoragarh News: उन्नत खेती के लिए गुणवत्तायुक्त बीज का प्रयोग करें
Fri, 21 Jul 2023 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:11 PM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र गैना में किसानों को आधुनिक तकनीक के बारे में बताते विशेषज्ञ। संवाद
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पिथौरागढ़। कृषि विज्ञान केंद्र गैना पिथौरागढ़ में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का 95 स्थापना दिवस और तकनीकी दिवस से मनाया। इस अवसर पर केंद्र के प्रभारी डाॅ. जीएस बिष्ट ने किसानों को कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक के बारे में बताया और सभी किसानों को गुणवक्ता युक्त बीज का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. अलंकार सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती में जीवामृत और दशपर्णी अर्क के महत्व की जानकारी दी। सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रसायनों के प्रभाव से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. महेंद्र सिंह ने किसानों को कुरमुला प्रबंधन के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन और मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों के बारे में तकनीकी जानकारी दी। डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने सब्जी उत्पादन की नई तकनीक के साथ ही उन्नत बीजों का उपयोग करने के बारे में बताया।
स्वाति गर्ब्याल ने मोटे अनाज से बनने वाले विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी । केंद्र के अन्य विशेषज्ञ डाॅ. चेतन कुमार भट्ट ने कृषि में मौसम के प्रभाव की जानकारी दी। उन्होंने सभी किसानों से मौसम के पूर्वानुमान की सलाह को अपनाने की अपील की। डाॅ. कंचन आर्या ने किसानों को पशुपालन में होने वाली समस्याओं और प्रबंधन के बारे में बताया। केंद्र के सभी विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने एवं कृषि की नई तकनीक को अपनाने का आह्वान किया।
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डॉ. अलंकार सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती में जीवामृत और दशपर्णी अर्क के महत्व की जानकारी दी। सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रसायनों के प्रभाव से दूर रहने की सलाह दी। डॉ. महेंद्र सिंह ने किसानों को कुरमुला प्रबंधन के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन और मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों के बारे में तकनीकी जानकारी दी। डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने सब्जी उत्पादन की नई तकनीक के साथ ही उन्नत बीजों का उपयोग करने के बारे में बताया।
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स्वाति गर्ब्याल ने मोटे अनाज से बनने वाले विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी । केंद्र के अन्य विशेषज्ञ डाॅ. चेतन कुमार भट्ट ने कृषि में मौसम के प्रभाव की जानकारी दी। उन्होंने सभी किसानों से मौसम के पूर्वानुमान की सलाह को अपनाने की अपील की। डाॅ. कंचन आर्या ने किसानों को पशुपालन में होने वाली समस्याओं और प्रबंधन के बारे में बताया। केंद्र के सभी विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने एवं कृषि की नई तकनीक को अपनाने का आह्वान किया।
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