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Pithoragarh News: सड़ रहा है गोदामों में डंप दो लाख क्विंटल राशन, उपभोक्ता तरस रहे

Sun, 16 Nov 2025 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 16 Nov 2025 10:58 PM IST
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Two lakh quintals of ration is rotting in warehouses, consumers are yearning for it.
पिथौरागढ़। आम तबके के और निर्धन उपभोक्ताओं के लिए चलाई गई सस्ते और निशुल्क राशन की योजना दम तोड़ गई है। सरकार की लापरवाही से सीमांत जिले के गोदामों में दो लाख क्विंटल राशन सड़ रहा है और डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ता इसके लिए तरस रहे हैं। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से सितंबर और अक्तूबर का राशन नहीं बंटा और यह गोदामों में डंप रहा। जब हड़ताल खत्म हुई तो राशन वितरण के लिए बनाया गया पोर्टल बंद कर दिया गया है। ऐसे में गोदामों में डंप उपभोक्ताओं के हक का राशन बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है।
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जिले में खोली गईं 780 सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों से डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सस्ता और निशुल्क राशन बंटता है। इन सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों को आवंटित करने के लिए जिले में स्थापित 25 खाद्यान्न गोदामों में बीते सितंबर और अक्तूबर महीने में दो लाख क्विंटल राशन पहुंचाया गया। तब सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल हुई तो गोदामों से राशन नहीं उठा और यह डंप हो गया। पूर्ति विभाग ने सिर्फ नवंबर का राशन वितरण कर जिम्मेदारी निभाई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन वितरण न होने के पीछे सरकार और सस्ता गल्ला विक्रेता जिम्मेदार हैं।
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निर्धन उपभोक्ता कर्ज लेकर मिटा रहे हैं भूख
जिले में तीन हजार से अधिक अंत्योदय उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं की भूख मिटाने के लिए इन्हें निशुल्क राशन मिलता है। यही राशन इनके जीवन का सहारा है। दो महीने से राशन न मिलने से ये उपभोक्ता कर्ज लेकर अपनी भूख मिटाने के लिए मजबूर हुए हैं।
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बोले उपभोक्ता
दो महीने का राशन न मिलने से दिक्कत आ रही है। दुकान से महंगा राशन खरीदना पड़ रहा है। यदि दो महीने का राशन मिलता को खासी मदद मिलती। - शेर सिंह महरा, माणीधामी
सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल खत्म होने के बाद राशन मिलने की उम्मीद थी। अब भी हमारे हक का राशन गोदामों में डंप पड़ा है। यह पूरे सिस्टम की लापरवाही है। - कुंवर सिंह जेठा, सिर्तोला

कोट
पोर्टल बंद होने से सितंबर और अक्तूबर का राशन वितरण नहीं हो सका है। गोदामों में राशन डंप है इसे सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से मिले दिशा-निर्देशों के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
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