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Pithoragarh News: सोबला-ढाकर सड़क पर दूसरे दिन शुरू हुआ यातायात
Thu, 16 Jul 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा से लगे दारमा घाटी के गांवों को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क पर दो दिन बाद यातायात सुचारु होने पर ग्रामीणों के साथ ही सुरक्षा बलों के जवानों ने राहत की सांस ली है। कैलाश यात्रा मार्ग के तवाघाट-गुंजी और थल-मुनस्यारी मार्ग पर आए मलबे को हटाकर आवाजाही शुरू कर दी है।
सोबला-ढाकर सड़क के ग्राम दर एवं पंगबावे के बीच दो दिन पूर्व बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। सड़क का 25 मीटर हिस्सा भी ध्वस्त हो गया था। सूचना पर बीआरओ 67 आरसीसी ग्रिफ ने मंगलवार देर शाम सड़क को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया था।
ग्रिफ के ओसी चंद्र गुप्त ने बताया कि ओआईसी सहायक अभियंता आरके मीणा के नेतृत्व में बुधवार को दो जेसीबी और 20 मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद शाम 6 बजे तक सड़क को सभी प्रकार के वाहनों के खोल दिया। सड़क खुलने से सुरक्षा कर्मियों के साथ ही घाटी के 14 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है।
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कैलाश यात्रा मार्ग तवाघाट-गुंजी तीनतोला एवं लखनपुर में मलबा, बोल्डर आने से बाधित हो गया था। करीब 11 बजे सड़क पर यातायात शुरू हो सका। इस दौरान व्यास घाटी से आने-जाने वाले कई वाहन फंसे रहे। थल-मुनस्यारी सड़क सुबह पांच बजे मलबा आने से बाधित हो गई। बाद में नौ बजे जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू की गई। बीआरओ की बैजनाथ-क्वीटी-मुनस्यारी मलबा-बोल्डर आने से बाधित है। बीआरओ कार्मिक सड़क खोलने में जुटे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की 15 सड़कें बंद होने से लोग परेशान
पिथौरागढ़ । सीमांत जिले में 15 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देवीसौना-गराली, डीडीहाट-आदिचौरा-खूना, तवाघाट-थानीधार, ड्योरा-बारमो, सल्ला-रौतगड़ा, एलागाड़-जुम्मा, सोबला-उमचिया, कालिका-खुमती, बंगापानी-जाराजिबली, घट्टाबगड़-तांकुल, तवाघाट-खेला गांव सड़कें बंद हैं। साथ ही होकरा-नामिक, बांसबगड़-कोटा, नाचनी-भैंसकोट, आदिचौरा-सीणी सड़कों पर आवाजाही बाधित चल रही हैं। सड़कें बंद होने से गांवों में बीमार लोगों को भी अस्पताल तक पहुंचाने में परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मदरमा और दारमा सड़क पर बना है पत्थर गिरने का भय
बंगापानी। क्षेत्र में मानसून जमकर बरस रहा है। इससे सड़कों पर आवाजाही भी खतरनाक बनी हुई है। बंगापानी से मदरमा और दारमा सड़क बारिश के चलते मलबा, पत्थर गिरने से बार-बार बंद हो रही है। पहाड़ियों पर जहां-तहां पत्थर अटके है जिनके कभी भी गिरने का खतरा बना है। वाहन चालक जान हथेली पर रख आवागमन कर रहे हैं। गांव के ग्रामीण और बच्चों को भी सड़क से ही आवाजाही करनी पड़ती है। इससे उनके साथ हादसा होने की संभावना बनी हुई है। ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर लटके पत्थरों को हटाने और सड़क को ठीक किए जाने की मांग की है। संवाद
मौसम ने ली करवट हुई बूंदाबांदी
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में तीन दिन मौसम ठीक रहा। बृहस्पतिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए। अपरान्ह बाद हल्की बूंदाबांदी भी हुई। उधर धारचूला, कनालीछीना में बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में बंगापानी में 45, तेजम में 30, डीडीहाट में 11.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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सोबला-ढाकर सड़क के ग्राम दर एवं पंगबावे के बीच दो दिन पूर्व बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। सड़क का 25 मीटर हिस्सा भी ध्वस्त हो गया था। सूचना पर बीआरओ 67 आरसीसी ग्रिफ ने मंगलवार देर शाम सड़क को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया था।
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ग्रिफ के ओसी चंद्र गुप्त ने बताया कि ओआईसी सहायक अभियंता आरके मीणा के नेतृत्व में बुधवार को दो जेसीबी और 20 मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद शाम 6 बजे तक सड़क को सभी प्रकार के वाहनों के खोल दिया। सड़क खुलने से सुरक्षा कर्मियों के साथ ही घाटी के 14 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है।
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कैलाश यात्रा मार्ग तवाघाट-गुंजी तीनतोला एवं लखनपुर में मलबा, बोल्डर आने से बाधित हो गया था। करीब 11 बजे सड़क पर यातायात शुरू हो सका। इस दौरान व्यास घाटी से आने-जाने वाले कई वाहन फंसे रहे। थल-मुनस्यारी सड़क सुबह पांच बजे मलबा आने से बाधित हो गई। बाद में नौ बजे जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही शुरू की गई। बीआरओ की बैजनाथ-क्वीटी-मुनस्यारी मलबा-बोल्डर आने से बाधित है। बीआरओ कार्मिक सड़क खोलने में जुटे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की 15 सड़कें बंद होने से लोग परेशान
पिथौरागढ़ । सीमांत जिले में 15 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देवीसौना-गराली, डीडीहाट-आदिचौरा-खूना, तवाघाट-थानीधार, ड्योरा-बारमो, सल्ला-रौतगड़ा, एलागाड़-जुम्मा, सोबला-उमचिया, कालिका-खुमती, बंगापानी-जाराजिबली, घट्टाबगड़-तांकुल, तवाघाट-खेला गांव सड़कें बंद हैं। साथ ही होकरा-नामिक, बांसबगड़-कोटा, नाचनी-भैंसकोट, आदिचौरा-सीणी सड़कों पर आवाजाही बाधित चल रही हैं। सड़कें बंद होने से गांवों में बीमार लोगों को भी अस्पताल तक पहुंचाने में परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मदरमा और दारमा सड़क पर बना है पत्थर गिरने का भय
बंगापानी। क्षेत्र में मानसून जमकर बरस रहा है। इससे सड़कों पर आवाजाही भी खतरनाक बनी हुई है। बंगापानी से मदरमा और दारमा सड़क बारिश के चलते मलबा, पत्थर गिरने से बार-बार बंद हो रही है। पहाड़ियों पर जहां-तहां पत्थर अटके है जिनके कभी भी गिरने का खतरा बना है। वाहन चालक जान हथेली पर रख आवागमन कर रहे हैं। गांव के ग्रामीण और बच्चों को भी सड़क से ही आवाजाही करनी पड़ती है। इससे उनके साथ हादसा होने की संभावना बनी हुई है। ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर लटके पत्थरों को हटाने और सड़क को ठीक किए जाने की मांग की है। संवाद
मौसम ने ली करवट हुई बूंदाबांदी
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में तीन दिन मौसम ठीक रहा। बृहस्पतिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए। अपरान्ह बाद हल्की बूंदाबांदी भी हुई। उधर धारचूला, कनालीछीना में बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में बंगापानी में 45, तेजम में 30, डीडीहाट में 11.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।