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कैलाश यात्रा मार्ग में जान जोखिम में डालकर हो रहा आवागमन
Sun, 26 May 2019 11:42 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 26 May 2019 11:42 PM IST
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कैलाश यात्रा मार्ग में नजंग और मालपा के बीच खतरनाक रास्ते से गुजरते घोड़े, खच्चर।
- फोटो : AMAR UJALA
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भारत-चीन सीमा के उच्च हिमालयी क्षेत्र के अंतिम गांव कुटि में ग्लेशियर और मलबा आने से कैलाश यात्रा मार्ग बंद हो गया है। मार्ग में जान जोखिम में डालकर आवागमन हो रहा है।
धारचुला से 110 किमी दूर कुटि के 50 परिवार जैसे तैसे एक सप्ताह पहले गांव पहुंच गए हैं। गांव में पूजा में शामिल होने के लिए धारचूला से लगभग 100 लोग गांव गए थे। पूजा के बाद वापस लौटने पर कुटि निवासी हरीश कुटियाल और जीवन कुटियाल ने बताया कि गुंजी से कुटि के बीच मे तिचंग और नमुच नामक जगह पर दो से तीन फीट ऊंचे ग्लेशियर और भारी मात्रा में मलबा गिरा है। कुटि के लोग जानवरों के साथ जान हथेली में रखकर आवागमन कर रहे हैं। हरीश कुटियाल ने कहा कि उनका कुटि को जाने वाला मार्ग नजंग, मालपा और बूंदी के बीच काफी संकरा है।
भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली ने कहा कि नजंग, बोलायर की कठिन चढाई के साथ ही मालपा का 14 किमी हिस्से का मार्ग अभी तक ठीक नहीं हुआ है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोकली का कहना है कि लोनिवि पैदल मार्ग ठीक नहीं करता है तो कैलाश मानसरोवर यात्रा, छोटा कैलाश यात्रा और ओम पर्वत के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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उधर, उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल का कहना है कि लोनिवि के अधिकारियों को मार्ग ठीक करने और रेलिंग लगाने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर वह स्वयं भी मार्ग के निरीक्षण के लिए मौके पर जाएंगे। लोनिवि के एई जीसी भट्ट ने बताया है कि मार्ग को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द नजंग से मालपा के बीच मार्ग ठीक कर लिया जाएगा।
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धारचुला से 110 किमी दूर कुटि के 50 परिवार जैसे तैसे एक सप्ताह पहले गांव पहुंच गए हैं। गांव में पूजा में शामिल होने के लिए धारचूला से लगभग 100 लोग गांव गए थे। पूजा के बाद वापस लौटने पर कुटि निवासी हरीश कुटियाल और जीवन कुटियाल ने बताया कि गुंजी से कुटि के बीच मे तिचंग और नमुच नामक जगह पर दो से तीन फीट ऊंचे ग्लेशियर और भारी मात्रा में मलबा गिरा है। कुटि के लोग जानवरों के साथ जान हथेली में रखकर आवागमन कर रहे हैं। हरीश कुटियाल ने कहा कि उनका कुटि को जाने वाला मार्ग नजंग, मालपा और बूंदी के बीच काफी संकरा है।
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भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली ने कहा कि नजंग, बोलायर की कठिन चढाई के साथ ही मालपा का 14 किमी हिस्से का मार्ग अभी तक ठीक नहीं हुआ है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोकली का कहना है कि लोनिवि पैदल मार्ग ठीक नहीं करता है तो कैलाश मानसरोवर यात्रा, छोटा कैलाश यात्रा और ओम पर्वत के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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उधर, उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल का कहना है कि लोनिवि के अधिकारियों को मार्ग ठीक करने और रेलिंग लगाने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर वह स्वयं भी मार्ग के निरीक्षण के लिए मौके पर जाएंगे। लोनिवि के एई जीसी भट्ट ने बताया है कि मार्ग को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द नजंग से मालपा के बीच मार्ग ठीक कर लिया जाएगा।