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होकरा ग्राम पंचायत में आज भी संचार सुविधा नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 01 Dec 2016 10:34 PM IST
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होकरा में संचार सुविधा नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील मुनस्यारी के दूरस्थ होकरा ग्राम पंचायत के 22 छात्र अपने गांव से 92 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। गांव में किसी भी संचार कंपनी की सेवा नहीं है। यदि इन विद्यार्थियों को अपने परिजनों तक कोई संदेश भिजवाना हो तो उसके लिए खुद ही गांव तक जाना पड़ता है। पिछले दिनों ग्राम प्रधान सुंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई ग्रामीणों की बैठक में फैसला लिया गया कि यदि सरकार इस वर्ष के अंत तक गांव को संचार सुविधा से नहीं जोड़ती तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
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250 परिवारों वाले होकरा ग्राम पंचायत में जेर्थी, गौला और होकरा गांव आते हैं। 250 परिवारों वाले इन गांवों में 1600 मतदाता हैं। गांव में इंटर कॉलेज है, लेकिन उसमें शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। एएनएम सेंटर का ताला कभी नहीं खुलता। देश में अब नेट बैंकिंग को बढ़ावा देने की बात हो रही है, लेकिन इस गांव के लोग आज भी संचार सुविधा से दूर हैं।
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संचार सेवा का न होना बड़ा अभिशाप
पिथौरागढ़ कॉलेज में पढ़ने वाले होकरा निवासी प्रह्लाद सिंह ने कहा कि संचार सुविधा का न होना बहुत बड़ा अभिशाप सा हो गया है। इससे पहले कई जनप्रतिनिधियों ने गांव का दौरा करने के बाद आश्वासन दिया था कि जल्द ही किसी संचार कंपनी का टावर होकरा में लगाया जाएगा, लेकिन अब तक यह टावर नहीं लगा है और न इस बारे में कोई चर्चा ही की जाती है।
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संचार के अभाव में कई असुविधाएं
होकरा निवासी और पिथौरागढ़ छात्रसंघ के कोषाध्यक्ष धीरज जोशी का कहना है कि संचार सुविधा के अभाव में लोगों को रसोईगैस की बुकिंग, 108 सेवा का लाभ लेने में दिक्कत आती है। वह कहते हैं कि देश संचार क्रांति के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन होकरा के लोगों के लिए फोन से बात करने की सुविधा तक नहीं है। युवाओं के मन में इसे लेकर भारी गुस्सा है।
संचार का न होना प्रगति में बाधक
होकरा निवासी कॉलेज के छात्र सुरेंद्र सिंह का कहना है कि यह बताने में बड़ी हीनभावना आती है कि उनके गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। यदि किसी से ऐसा कहा जाए तो वह विश्वास नहीं करता। क्या संचार क्रांति के युग में ऐसे भी गांव हैं, जहां टेलीफोन का कोई नेटवर्क ही नहीं है। वह कहते हैं कि संचार सुविधा का न होना प्रगति में बाधक बन रहा है।