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तेंदुए की खाल के साथ पकड़े गए आरोपी को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा
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Three Years Prison in Potching
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पिथौरागढ़। तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार एक दोषी को सीजेएम सुधीर तोमर ने तीन साल के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं आरोप साबित नहीं होने पर आरोपी भूपेंद्र को दोषमुक्त करार दिया गया।
एसओजी और वन विभाग की टीम ने 30 जून 2013 को पिथौरागढ़ स्टेडियम के पास तेंदुए की खाल के साथ सुरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट में राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने पैरवी कर एसओजी, वन विभाग के कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। पूरे मामले को सुनने के बाद पिथौरागढ़ के सीजेएम ने सुरेंद्र को धारा 51, सपठित धारा 39 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का दोषी पाया।
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एसओजी और वन विभाग की टीम ने 30 जून 2013 को पिथौरागढ़ स्टेडियम के पास तेंदुए की खाल के साथ सुरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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कोर्ट में राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने पैरवी कर एसओजी, वन विभाग के कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। पूरे मामले को सुनने के बाद पिथौरागढ़ के सीजेएम ने सुरेंद्र को धारा 51, सपठित धारा 39 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का दोषी पाया।
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