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Pithoragarh News: जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के दोषी को तीन वर्ष का कारावास

Wed, 07 Feb 2024 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 07 Feb 2024 11:00 PM IST
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Three years imprisonment to the person found guilty of using caste based words
पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) ने एक मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 28 मई को पिथौरागढ़ के मेल्टा बांस गांव निवासी महेंद्र सिंह ने गांव के ही मनमोहन कोहली के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर डंडे से हमला किया था। मनमोहन की तहरीर पर पुलिस ने 29 मई को इस मामले की रिपोर्ट पिथौरागढ़ कोतवाली में केस दर्ज किया था। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय एससी एसटी की अदालत में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश शंकर राज ने दोष सिद्ध करते हुए आरोपी महेंद्र सिंह भंडारी को एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा - 3(1)(आर)(एस) के तहत तीन वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

न्यायालय ने धारा 323 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दो माह का कारावास भुगतना होगा। धारा 504 के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 506 और 509 के अपराध के लिए तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर क्रमश: एक वर्ष और छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने कहा कि यदि दोषसिद्ध जुर्माना देता है तो उसमें से 30 हजार रुपये पीड़ित मनमोहन कोहली को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पंत ने पैरवी की। संवाद
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