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आपात स्थिति के लिए तीन वैली की व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Sat, 24 Jun 2017 10:34 PM IST
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया नाले का वैली ब्रिज
- फोटो : अमर उजाला
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लोक निर्माण विभाग ने मानसून सीजन में ज्यादा बारिश के समय पुलों के बहने की स्थिति में तत्काल नया पुल स्थापित करने के लिए तीन वैली ब्रिज रिजर्व में रख दिए हैं। एक वैली ब्रिज थल मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया नाले में तीन वर्ष पहले स्थापित किया जा चुका है। लोनिवि ने तीनों नए वैली ब्रिज मुनस्यारी में रख दिए हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में पुलों के बहने की आशंका अधिक रहती है।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि वैली ब्रिज को स्थापित करने में बहुत कम समय लगता है। ऐसे में कहीं पर भी यातायात ज्यादा समय तक प्रभावित नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि 30 मीटर के दो वैली ब्रिज और 24 मीटर का एक वैली ब्रिज मुनस्यारी पहुंचा दिया गया है। लोनिवि थल-मुनस्यारी सड़क की देखरेख करती है। इस सड़क पर पर्यटकों और आम लोगों का दबाव बहुत अधिक रहता है। इसे देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि हरड़िया में वैली ब्रिज लगाने के बाद यातायात बाधित नहीं हो रहा है। वैली ब्रिज लगाने से पहले हरड़िया नाले में अक्सर वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती थी। हरड़िया नाले से निकलने वाले मलबे से पुल की रक्षा के लिए लगातार मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। फिलहाल वैली ब्रिज को कोई खतरा नहीं है।
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अस्थायी पैदल पुल हर साल बहते हैं
मल्ला जोहार को जोड़ने वाले पैदल रास्ते पर नालों में बने अस्थायी पुल अक्सर बहते रहते हैं। इस कारण हर साल पैदल आवाजाही बाधित हो जाती है। इन पुलों को दोबारा बनाने का काम अक्तूबर में नालों का प्रवाह कम होने के बाद ही किया जाता है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि लोगों का आवागमन प्रभावित न हो इसका पूरा ध्यान दिया जाता है।
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