इस बार 264 व्यापारी तकलाकोट मंडी जाएंगे
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार में इस साल 264 व्यापारी हिस्सा लेंगे। स्थानीय ट्रेड कार्यालय में केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से 250 ट्रेड पास प्राप्त हो चुके हैं। पिछले साल के 14 ट्रेड पास ट्रेड कार्यालय में उपलब्ध हैं। व्यापार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 15 मई तक व्यापारियों को अपना आवेदनपत्र ट्रेड कार्यालय में जमा करना होगा और एक जून के बाद कोई भी आवेदनपत्र नहीं लिया जाएगा। व्यापार की अवधि एक जून से 30 सितंबर तक रहेगी, लेकिन खास परिस्थिति में अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी जाती है। सीमांत के व्यापारी अब तिब्बत व्यापार के लिए आवेदन करने लगे हैं।
ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि व्यापार इस बार भी लिपुलेख दर्रे से ही होगा। गुंजी में भारतीय व्यापारिक मंडी बनेगी। ट्रेड पास जारी करने का काम गुंजी में भी होगा। व्यापारी ट्रेड पास लेने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार तिब्बत की मंडी तकलाकोट जाएंगे। उन्होंने बताया कि ट्रेड पास शनिवार को ही यहां प्राप्त हुए हैं। व्यापारियों और हेल्परों को यही ट्रेड पास जारी किए जाएंगे। पहले लोगों के आवेदन पत्र जमा होंगे। उसके बाद उनकी जांच की जाएगी। हर आवेदन का गहराई से सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक जून के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं होगा। पिछले वर्ष तक व्यापारी जुलाई में भी आवेदन कर परमिट हासिल कर लेते थे।
बताया गया कि तकलाकोट में व्यापारिक गतिविधियां जुलाई से ही गति पकड़ने लगती हैं। इस कारण ज्यादातर व्यापारी जुलाई में ही तिब्बत को रवाना होते हैं। जून में तिब्बत में फसल समेटने का काम चलता है। इधर, नामित ट्रेड अधिकारी एसडीएम आरके पांडे ने एक आदेश जारी कर कहा है कि तिब्बत व्यापार में भाग लेने वाले व्यापारी तत्काल आवेदन शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि इस बार जून में सभी व्यापारियों को परमिट जारी कर दिए जाएंगे। ताकि व्यापारी अपनी सुविधा के अनुसार तिब्बत की मंडी को निकल सकें। तिब्बत व्यापार में भाग लेने वाली व्यापारी रेडीमेड कपड़े, स्टील के बर्तन, सुरती, गजक, कॉफी, सौंदर्य प्रसाधन जैसी सामग्री लेकर जाते हैं। तिब्बत से आयात किए जाने वाली सामग्री में मुख्य रूप से ऊन, जैकेट, जूते शामिल होते हैं।