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वापसी में तकलाकोट पहुंचे तीसरे दल के यात्री
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़।
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:57 PM IST
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थिरागढ़ से गुंजी जाते छठे दल के कैलाश यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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कैलाश मानसरोवर के दूसरे दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर वापसी में गुंजी से पिथौरागढ़ पहुंचे। यहां से यात्री जागेश्वर को रवाना हो गए हैं। तीसरा दल परिक्रमा पूरी कर तकलाकोट पहुंच गया है जबकि चौथे दल के यात्री डेरापुक में हैं। यात्रा का पांचवां दल अभी गुंजी में है। छठे दल के यात्री भी बृहस्पतिवार को गुंजी पहुंच गए हैं।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार छठे दल के 59 यात्रियों को वायु सेना के हेलीकाप्टरों से बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ से गुंजी पहुंचाया गया। यात्री शुक्रवार को नाभीगांव में रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दल के यात्रियों को वापसी में गुंजी से पिथौरागढ़ लाया गया। यात्री यहां से जागेश्वर रवाना हो गए हैं। तीसरे दल के यात्री कैलाश और मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर वापसी में तकलाकोट पहुंच गए हैं। चौथा दल दार्चिन से डेरापुक पहुंच गया है। यात्री शुक्रवार से कैलाश की परिक्रमा में जुट जाएंगे।
पांचवें दल के यात्री आठ जून को पहुंचेंगे तकलाकोट
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवेें दल को आठ जून को लिपुलेख पास में चीनी सुरक्षा एजेंसियों के सुपुर्द किया जाएगा। यात्रा का छठा दल 10 जून को तकलाकोट पहुंचेगा। पांचवें दल के यात्री 29 जून शुक्रवार को पिथौरागढ़ पहुंचा था। यात्रियों को अगले दिन शनिवार को पिथौरागढ़ से हेलीकाप्टरों से गुंजी रवाना होना था। 28 यात्री पहली दो उड़ानों से गुंजी पहुंच गए लेकिन बाद में मौसम खराब होने से 31 यात्री पिथौरागढ़ में ही रुक गए। उच्च हिमालयी क्षेत्र छियालेख और गर्ब्यांग में घना कोहरा और बारिश के चलते यात्री गुंजी नहीं पहुंच पाए। बुधवार को यात्रियों को मौसम साफ होने पर गुंजी पहुंचाया गया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्री माउंटेन शिकनेस के शिकार न हो इसके चलते उन्हें एहतियातन दो दिन गुंजी में रोका गया। इस दल को शुक्रवार को लिपुलेख पार कर तकलाकोट पहुंचना था। अब यात्री आठ जून को तकलाकोट पहुंचेंगे। केएमवीएन के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि किसी बैच में विलंब होता है तो इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी जाती है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से चीन को आठ जून का प्रस्ताव दे दिया गया है। यात्री शुक्रवार को आईटीबीपी कमांडो दस्ते, मेडिकल और संचार टीम के साथ गुंजी से कालापानी को रवाना होंगे।
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यात्रियों ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के छठे दल के यात्रियों का बुधवार को यहां पहुंचने पर केएमवीएन कर्मियों की ओर से स्वागत किया गया। यात्रियों ने पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में पशुपतिनाथ मंदिर चंडाक में एक पौधा धरती के नाम अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया। साथ ही शहीद स्मारक पर एक दीया शहीदों के नाम प्रज्ज्वलित किया। यात्रियों को गुरुरानी ने हिमालय बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलायी। यात्रियों ने अभियान की सराहना की और उच्च हिमालयी क्षेत्र को साफ रखने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में दल के संपर्क अधिकारी वंदिता शर्मा, अमरवीर यादव, यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट, महेश कांडपाल, प्रतापनाथ, हर सिंह, वेद प्रकाश, भूपेंद्र सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार छठे दल के 59 यात्रियों को वायु सेना के हेलीकाप्टरों से बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ से गुंजी पहुंचाया गया। यात्री शुक्रवार को नाभीगांव में रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दल के यात्रियों को वापसी में गुंजी से पिथौरागढ़ लाया गया। यात्री यहां से जागेश्वर रवाना हो गए हैं। तीसरे दल के यात्री कैलाश और मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर वापसी में तकलाकोट पहुंच गए हैं। चौथा दल दार्चिन से डेरापुक पहुंच गया है। यात्री शुक्रवार से कैलाश की परिक्रमा में जुट जाएंगे।
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पांचवें दल के यात्री आठ जून को पहुंचेंगे तकलाकोट
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पांचवेें दल को आठ जून को लिपुलेख पास में चीनी सुरक्षा एजेंसियों के सुपुर्द किया जाएगा। यात्रा का छठा दल 10 जून को तकलाकोट पहुंचेगा। पांचवें दल के यात्री 29 जून शुक्रवार को पिथौरागढ़ पहुंचा था। यात्रियों को अगले दिन शनिवार को पिथौरागढ़ से हेलीकाप्टरों से गुंजी रवाना होना था। 28 यात्री पहली दो उड़ानों से गुंजी पहुंच गए लेकिन बाद में मौसम खराब होने से 31 यात्री पिथौरागढ़ में ही रुक गए। उच्च हिमालयी क्षेत्र छियालेख और गर्ब्यांग में घना कोहरा और बारिश के चलते यात्री गुंजी नहीं पहुंच पाए। बुधवार को यात्रियों को मौसम साफ होने पर गुंजी पहुंचाया गया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्री माउंटेन शिकनेस के शिकार न हो इसके चलते उन्हें एहतियातन दो दिन गुंजी में रोका गया। इस दल को शुक्रवार को लिपुलेख पार कर तकलाकोट पहुंचना था। अब यात्री आठ जून को तकलाकोट पहुंचेंगे। केएमवीएन के जीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि किसी बैच में विलंब होता है तो इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी जाती है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से चीन को आठ जून का प्रस्ताव दे दिया गया है। यात्री शुक्रवार को आईटीबीपी कमांडो दस्ते, मेडिकल और संचार टीम के साथ गुंजी से कालापानी को रवाना होंगे।
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यात्रियों ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के छठे दल के यात्रियों का बुधवार को यहां पहुंचने पर केएमवीएन कर्मियों की ओर से स्वागत किया गया। यात्रियों ने पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में पशुपतिनाथ मंदिर चंडाक में एक पौधा धरती के नाम अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया। साथ ही शहीद स्मारक पर एक दीया शहीदों के नाम प्रज्ज्वलित किया। यात्रियों को गुरुरानी ने हिमालय बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलायी। यात्रियों ने अभियान की सराहना की और उच्च हिमालयी क्षेत्र को साफ रखने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में दल के संपर्क अधिकारी वंदिता शर्मा, अमरवीर यादव, यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट, महेश कांडपाल, प्रतापनाथ, हर सिंह, वेद प्रकाश, भूपेंद्र सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।