सड़क खोलने को लोगों ने उठाया फावड़ा, बेलचा
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सिल से चमू गांव तक बनी तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर पटे मलबे को हटाने के लिए जब लोनिवि ने कोई प्रयास नहीं किए तो गांव के लोग मंगलवार से खुद ही मलबा हटाने में जुट गए। सड़क एक महीने से बंद है। इसकी जानकारी एक माह पहले लोनिवि डिवीजन को दे दी गई थी। वहीं, लोनिवि के प्रति लोगों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि मानसून काल में लोनिवि को सड़कें खोलने के लिए धनराशि मिलती है, लेकिन इस राशि का उपयोग नहीं किया जाता। रोड बंद होने से गांव तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोगों को गांव तक राशन पहुंचाने, बीमार लोगों को अस्पताल लाने, रसोईगैस का सिलेंडर लाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंगलवार को गांव के लोगों ने खुद ही फावड़ा और बेलचा पकड़कर सड़क पर गिरा मलबा हटाना शुरू किया। इन लोगों के सहयोग के लिए पहुंचे जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि सड़क बंद होने के कारण ज्यादा दिन तक परेशानी सहन कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सिल एक अटल आदर्श गांव भी है। इसके प्रति प्रशासन का हमेशा उपेक्षा का भाव रहा है। श्रमदान करने वालों में नरेंद्र सिंह कफलिया, भूपाल सिंह चौहान, जीवन सिंह चौहान, कमान सिंह आदि थे।