{"_id":"6a8b347064a70106dc084a66","slug":"an-inquiry-will-be-conducted-into-the-death-of-the-foetus-pithoragarh-news-c-229-1-alm1014-143447-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में होगी जांच
Sun, 23 Aug 2026 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
चंपावत। मटियानी गांव निवासी गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के मामले में प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। डीएम मनीष कुमार ने मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार, मटियानी गांव निवासी 22 वर्षीय प्रियंका सामंत का 14 अगस्त को लोहाघाट उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया था। जांच में चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु को स्वस्थ बताया था। इसके बाद 18 अगस्त को प्रियंका के पेट में तेज दर्द हुआ। उन्हें लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल चंपावत ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने चंपावत के एक निजी अस्पताल ले गए और प्रियंका का अल्ट्रासाउंड कराया। वहां चिकित्सक ने गर्भस्थ शिशु की करीब दो सप्ताह पहले ही मृत्यु होने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन प्रियंका को जिला अस्पताल चंपावत लेकर पहुंचे। वहां भी स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और चिकित्सकीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने जांच समिति को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ मामले की जांच करते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मामले के अनुसार, मटियानी गांव निवासी 22 वर्षीय प्रियंका सामंत का 14 अगस्त को लोहाघाट उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया था। जांच में चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु को स्वस्थ बताया था। इसके बाद 18 अगस्त को प्रियंका के पेट में तेज दर्द हुआ। उन्हें लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल चंपावत ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने चंपावत के एक निजी अस्पताल ले गए और प्रियंका का अल्ट्रासाउंड कराया। वहां चिकित्सक ने गर्भस्थ शिशु की करीब दो सप्ताह पहले ही मृत्यु होने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन प्रियंका को जिला अस्पताल चंपावत लेकर पहुंचे। वहां भी स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और चिकित्सकीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने जांच समिति को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ मामले की जांच करते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।