{"_id":"6abe9c9ba3d4c7285105431c","slug":"they-installed-a-ct-scan-machine-worth-crores-but-forgot-to-deploy-a-technician-pithoragarh-news-c-230-1-pth1004-147433-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: करोड़ों की सीटी स्कैन मशीन लगा तकनीशियन की तैनाती करना भूले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: करोड़ों की सीटी स्कैन मशीन लगा तकनीशियन की तैनाती करना भूले
Thu, 01 Oct 2026 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:17 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के दावे तो हर जगह हो रहे हैं, लेकिन धरातल पर ये बेअसर हैं। महिला अस्पताल में करोड़ों रुपये खर्च कर सीटी स्कैन मशीन तो लगा दी गई लेकिन इसके संचालन के लिए तकनीशियन की तैनाती करना सिस्टम भूल गया। जिला अस्पताल के एक्स-रे तकनीशियन के भरोसे बमुश्किल सीटी स्कैन हो रहे हैं लेकिन रिपोर्ट जांचने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं।
महिला अस्पताल में नौ महीने पूर्व जिले के मरीजों और घायलों को स्थानीय स्तर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराने के दावे कर करोड़ों रुपये से मशीन स्थापित की गई। उम्मीद थी कि जिले के लोगों को इसका लाभ मिलेगा लेकिन यह दावे और उम्मीद दम तोड़ गए हैं। मशीन तो स्थापित कर दी गई लेकिन इसके संचालन के लिए न तो तकनीशियन तैनात हुए और ना ही रिपोर्ट जांचने के लिए रेडियोलॉजिस्ट। जिला अस्पताल के एक्स-रे तकनीशियन को सीटी स्कैन करने तो यहीं के रेडियोलॉजिस्ट पर रिपोर्ट जांचने की जिम्मेदारी है। मरीज और घायल बमुश्किल महिला अस्पताल में जांच करा रहे हैं और रिपोर्ट जांचने के लिए उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल में भी मरीजों का खासा दबाव रहता है और वहां रोजाना सैकड़ों एक्स-रे होते हैं। ऐसे में एक्स-रे तकनीशियन को महिला अस्पताल पहुंचने में वक्त लग रहा है और मरीज, घायल सीटी स्कैन के लिए लंबा इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला अस्पताल में नौ महीने पूर्व जिले के मरीजों और घायलों को स्थानीय स्तर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराने के दावे कर करोड़ों रुपये से मशीन स्थापित की गई। उम्मीद थी कि जिले के लोगों को इसका लाभ मिलेगा लेकिन यह दावे और उम्मीद दम तोड़ गए हैं। मशीन तो स्थापित कर दी गई लेकिन इसके संचालन के लिए न तो तकनीशियन तैनात हुए और ना ही रिपोर्ट जांचने के लिए रेडियोलॉजिस्ट। जिला अस्पताल के एक्स-रे तकनीशियन को सीटी स्कैन करने तो यहीं के रेडियोलॉजिस्ट पर रिपोर्ट जांचने की जिम्मेदारी है। मरीज और घायल बमुश्किल महिला अस्पताल में जांच करा रहे हैं और रिपोर्ट जांचने के लिए उन्हें जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भी मरीजों का खासा दबाव रहता है और वहां रोजाना सैकड़ों एक्स-रे होते हैं। ऐसे में एक्स-रे तकनीशियन को महिला अस्पताल पहुंचने में वक्त लग रहा है और मरीज, घायल सीटी स्कैन के लिए लंबा इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन