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Pithoragarh News: शिवरात्रि या अन्य मेलों में आवाजाही पर नहीं रहेगी रोकटोक

Thu, 22 Feb 2024 10:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 22 Feb 2024 10:16 PM IST
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There will be no restrictions on movement during Shivratri or other fairs
पिथौरागढ़। सेरादेवल मंदिर में शिवरात्रि या अन्य किसी बड़े मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कोई रोकटोक नहीं रहेगी। भड़कटिया गेट से अस्थायी परिचयपत्र लेकर श्रद्धालु मंदिर में आवागमन कर सकेंगे।
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बता दें कि सेना की ओर से परंपरागत रास्तों को बंद करने के खिलाफ स्थानीय लोगों ने जाग उठा पहाड़ के नेतृत्व में आंदोलन किया था। इसके बाद 17 फरवरी को प्रशासन, सेना और स्थानीय लोगों की संयुक्त बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी थी। इस सहमति के बाद एसडीएम आशीष मिश्रा ने चार दिन में लिखित पत्र देने का आश्वासन देते हुए आंदोलन समाप्त करने का अनुरोध किया था। इस पर धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था।
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सेना क्षेत्र में परंपरागत रास्तों से मंदिर के लिए आवाजाही को लेकर प्रशासन ने लिखित जानकारी उपलब्ध करा दी है। इसके तहत कहा गया है कि कासनी गेट से सेरादेवल मंदिर जाने के लिए गांव के 25 लोगों को आवाजाही के लिए परिचयपत्र बनाए जाने पर सेना की ओर से विचार किया जाएगा। ग्रामवासियों की ओर से 25 लोगों की सूची जिला प्रशासन के माध्यम से राजस्व विभाग, एलआईयू और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उपलब्ध कराने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
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भूमिया, सिद्धबाबा, मुंगरू बाबा मंदिर में जब भी पूजा का आयोजन होगा, उसकी सूचना और श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी ग्रामवासियों की ओर से तीन दिन पूर्व सेना के कासनी स्थित गेट पर देनी होगी। इसके बाद सेना की ओर से अनुमति दी जाएगी।
शिवरात्रि मेला और बड़े आयोजनों के लिए सेरादेवल मंदिर में मेले के दिन किसी भी व्यक्ति को मंदिर में दर्शन के लिए आवाजाही में सेना की ओर से कोई रोकटोक नहीं होगी। मंदिर में होने वाले मेले की सुरक्षा व्यवस्था में जिला प्रशासन भी सहयोग करेगा।

भड़कटिया गेट से अस्थायी परिचयपत्र लेकर कोई भी श्रद्धालु मंदिर में आवगमन कर सकते हैं। इसके लिए सेना की ओर से किसी भी प्रकार की बाध्यता नहीं की जाएगी। प्रशासन के अनुसार ग्रामवासियों ने सेरादेवल मंदिर को जाने के लिए ठुलीगाढ़ पंप हाउस के पुल से बुलीगाढ़ नाले के किनारे सेरादेवल मंदिर तक वैकल्पिक मोटर मार्ग प्रस्तावित किया गया है। इसमें सेना की भूमि मोटर मार्ग के लिए प्रस्तावित है। इस भूमि के संबंध में सेना और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग किया जाएगा।
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