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ग्रामीणों को करनी पड़ रही नहर की मरम्मत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 01 Apr 2017 10:11 PM IST
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मुनस्यारी के कव्वाधार में क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर में डाला गया पाइप
- फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई विभाग नहरों की ओर इस कदर उदासीन हो गया है कि ग्रामीणों को अपने खर्च से नहर की मरम्मत करनी पड़ रही है। मुनस्यारी तहसील की घटगाड़ से कई गांवों की सिंचाई के लिए बनी नहर निर्माणाधीन सड़क के धंसने से कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने अपने प्रयास से नहर में पानी चलाकर सिंचाई विभाग को आइना दिखाने का काम किया है।
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घटगाड़ से कव्वाधार, घटधार, पंतनगरी, धामीकूड़ा के लिए बनी सिंचाई नहर एक साल से क्षतिग्रस्त पड़ी थी। दरकोट-नमजला-धामीकूड़ा संपर्क मार्ग के निर्माण के कारण नहर को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सड़क के काम के कारण जमीन कई स्थानों पर धंस गई है। इससे नहर को जबरदस्त नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग से कोई उम्मीद न देखकर विगत दिनों ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त नहर में प्लास्टिक के पाइप लगाकर पानी चलाया है। पहले सिंचाई विभाग धान की रोपाई से पहले नहर की सफाई करता था। इस बार नहर की सफाई भी नहीं की गई।
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किसान गंगा सिंह, दीवान सिंह, विशन सिंह ने कहा कि नहर की मरम्मत का मामला सिंचाई विभाग के साथ ही सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार के सामने कई बार उठाया है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि धान की रोपाई का समय आ गया है और विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को स्वयं नहर में पानी चलाना पड़ा। इन लोगों ने एक माह के भीतर नहर की मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता पीके दीक्षित का कहना है कि आपदा से कई नहरों को नुकसान पहुंचा है। नहरों की मरम्मत के लिए शासन से धन मांगा गया है। धन मिलते ही कव्वाधार नहर की भी मरम्मत कराई जाएगी।
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