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स्थानीय स्तर पर टीम तैयार करना जरूरी

Sun, 10 Jul 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sun, 10 Jul 2016 10:39 PM IST
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The team must be prepared locally
आपदा की समीक्षा करते एटीआई नैनीताल के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी (एटीआई) आपदा प्रबंधन टीम का कहना है कि आपदा से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर टीम का तैयार किया जाना बेहद जरूरी है। बस्तड़ी में घटना के पांच घंटे बाद भी राहत टीम का नहीं पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है, यदि स्थानीय स्तर पर कम्युनिटी हेल्प ग्रुप तैयार होता तो वह तत्काल मौके पर पहुंचता और कुछ लोगों को बचाया जा सकता था।

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एटीआई के संयुक्त निदेशक डा. बलवंत सिंह नेगी ने एटीआई के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. ओमप्रकाश और डा. मंजू पांडे के साथ बस्तड़ी गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की आपदाओं के समय सड़क बंद होना, संचार सेवा ठप होना आम बात हो गई है। ऐसे में कुछ ऐसे विकल्प तैयार करने जरूरी हैं कि इस तरह की समस्या में भी लोगों से संवाद कायम किया जा सके। डा. नेगी ने बताया कि जल्द ही सेना, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ऐसी घटनाओं के समय निर्णय लेने वाली एजेंसियों की भूमिका क्या होनी चाहिए, इस पर भी ट्रेनिंग कैंप चलाए जाएंगे।
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उन्होंने इस बात पर ज्यादा जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों को प्रशिक्षित किया जाए, यदि सड़क बंद होने के कारण किसी एजेंसी को पहुंचने में देरी हो तो तब तक स्थानीय स्तर पर राहत का काम चलाया जा सकता है। 
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जंगल की आग से हुआ भूकटाव
एटीआई के संयुक्त निदेशक डा. बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि बस्तड़ी में भूकटाव ज्यादा होने के पीछे प्रमुख कारण बीते दिनों जंगलों में लगी प्रचंड आग थी। आग से मिट्टी की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और वह तेज बारिश के समय बहने लगती है। उन्होंने कहा कि बस्तड़ी गांव में खतरे की आशंका पहले से थी, लेकिन लोगों ने इसे महसूस तक नहीं किया।


सोशल मीडिया ग्रुप की मदद ली जाए
एटीआई के संयुक्त निदेशक डा. बलवंत सिंह नेगी का कहना है कि आपदा के समय सोशल मीडिया ग्रुप की मदद ली जा सकती है। कुछ ऐसे ग्रुप तैयार करने चाहिए, जो लोगों को मौसम और आपदा की जानकारी दे सकें। उन्होंने बताया कि गढ़वाल मंडल में लोगों ने ऐसे ग्रुप तैयार कर लिए हैं। संचार सेवा ठप होने पर इन ग्रुपों के माध्यम से सूचनाएं एकत्र हो सकती हैं।

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