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सीवरेज लाइन 12 साल में भी नहीं बन पाई
दिनेश अवस्थी/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़ में अधूरी पड़ी सीवर लाइन
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में वर्ष 2006 में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए धनराशि स्वीकृति की गई, लेकिन सीवरेज का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया। अब कार्यदायी संस्था को चार करोड़ की धनराशि मिली है। इसमें भी तीन करोड़ से ऊपर की देनदारी है।
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नगर में सीवर की समस्या को देखते हुए शुरुआत में 36 करोड़ की धनराशि से 57 किमी सीवर लाइन को स्वीकृति दी गई। इसमें ऐंचोली और निराड़ा में दो ट्रीटमेंट प्लांट भी लगने थे, लेकिन अब तक टकाना, पुलिस लाइन, कुमौड़, जगदंबा कॉलोनी, जीआईसी रोड क्षेत्र में ही 27 किमी लाइन बिछाई गई है। शुरुआती चरण में तो सड़कों की खुदाई कर उनके बीच से सीवर लाइन डालने का काम तेजी से हुआ। बाद में धन की कमी से सीवर लाइन का काम भी ठंडा पड़ गया। वर्ष 2014-15 में कार्यदायी संस्था जल निगम ने 51 करोड़ रुपये का रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा।
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शासन ने इसमें 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। पिछले हफ्ते ही निगम को चार करोड़ की धनराशि मिली है। इसमें से तीन करोड़ से ऊपर की तो पूर्व के कार्यों की ही देनदारी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस धर्मशक्तू ने बताया कि निराड़ा में बन रहे 1.25 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में कार्य करीब पूरा हो गया है। अगले माह तक इसके बचे कार्य भी पूरे कर लिए जाएंगे। ऐंचोली में बन रहे पांच एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट में अभी बिजली, पानी संयोजन और पंप की टेस्टिंग होनी है। यदि धन की कमी आड़े नहीं आई तो दिसंबर तक इसका भी कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सीवरेज लाइन के बनने से करीब 60 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा।
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सीवरेज लाइन बिछाने में खूब हुई मनमानी
पिथौरागढ़। सीवरेज लाइन में जमकर मनमानी की गई। नतीजतन जीआईसी रोड और कई अन्य जगहों पर बिछाई गई पाइप लाइन के चेंबर ही गायब हैं। सड़क के बीचों-बीच खुदाई कर लाइन बिछाई गई थी, लेकिन चेंबरों का कोई ध्यान नहीं रखा गया। कार्य भी पूरे नहीं किए गए। इसके चलते पांच किमी लाइन बेकार चले गई। अब दोबारा से हॉटमिक्स सड़क की खुदाई कर लाइनों को बिछाया जाएगा। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं ने 50 से अधिक छोटे बांड पर मनमर्जी से अपने चहेतों का काम बांट दिए। कई कार्यों में तो दो-दो लाख के बांड बनाकर आठ से दस लाख रुपये तक के कार्य कर दिए।
विभागीय जांच अब भी जारी
पिथौरागढ़। सीवरेज लाइन बिछाने में शुरुआत से ही हुई लापरवाही की विभागीय जांच मुख्य अभियंता स्तर पर चल रही है। इसमें दो अधिशासी अभियंता समेत छह विभागीय अधिकारियों की जांच की जानी थी। इनमें से कुछ तो उच्च पदों पर पहुंच गए हैं और कुछ रिटायर हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार यदि गंभीरता से मामले की जांच की जाए तो सीवरेज लाइन का सच जनता के सामने आ सकता है।