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...पहाड़ पाणि-पाणि है रौ, बेलड़ाआगर में हाय पाणि है रै
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 10:34 PM IST
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Beldha water crisis facing the people of the village.
- फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ पाणि-पाणि है रौ, बेलड़ाआगर में हाय पाणि-हाय पाणि है रै (सारा पहाड़ इन दिनों पानी-पानी हो रहा है लेकिन बेलड़ाआगर में हाय-हाय पानी हो रहा हैं) । बेड़ीनाग ब्लाक के राईआगर के पास स्थित बेलड़ाआगर ग्राम पंचायत के हाल इन दिनों ऐसे ही हो रहे हैं।
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सुनने में यह अजीब जरूर लगे, पर पानी जमकर बरस रहा है और लोगों के पास पीने का पानी नहीं है। सदियों से बह रही गांव की एक जलधारा अब इस गांव के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है। लिहाजा पूरा गांव सुबह से लेकर शाम तक इस जलधारा के पानी को सहेजने में जुटा रहता है। कुल बात इतनी है कि 121 परिवार का यह गांव अपने लिए एक पेयजल योजना चाहता है और उसकी यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
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लोग सदियों पहले भी गांव की एक जलधारा से पानी की आपूर्ति करते थे। आज भी उसी जलधारा के सहारे हैं। तब गांव की आबादी काफी कम हुआ करती थी। पानी सबको मिल जाता था। आज गांव की आबादी 600 को पार कर गई है। जलधारा में हर समय पानी भरने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। एक वर्तन पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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अनुसूचित जाति बाहुल्य यह गांव स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससीपी) के तहत चयनित है। गांव से 500 मीटर नीचे पानी का गधेरा (नाला) है। गंाव के लोग भी मानते हैं कि वहां से गांव के लिए पानी लिफ्ट किया जा सकता है। ग्राम प्रधान दरपान राम का कहना है कि पेयजल योजना की मांग कई बार की जा चुकी है। अभी तक तो गांव की यह मांग पूरी नहीं हुई है। इस पेयजल योजना की मांग पर आस टिकाये लोग अब नाराजगी भी जता रहे हैं । जगदीश कुमार का कहना है कि पानी के लिए मुहिम छेड़ी जाएगी।