{"_id":"5a1455e44f1c1b686a8b4bd8","slug":"the-people-of-the-mountain-are-not-allowed-to","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ जनम मेरो के भलो लागूंछ...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ जनम मेरो के भलो लागूंछ...
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:05 PM IST
विज्ञापन
जौलजीबी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौलजीबी मेले में सोमवार रात विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। स्थानीय कलाकारों और बच्चों को मेला प्रशासन की ओर से विशेष मौका दिया गया। पहाडा जनम मेरो के भली लागूंछ, गीत के माध्यम से बच्चों ने पहाड़ के प्रति प्रेम को दर्शाने की कोशिश की।
विज्ञापन
बच्चों ने कुमाऊंनी, पंजाबी, असमी, नेपाली कार्यक्रमों से सभी का मन मोहा। विद्यालयी कार्यक्रमों में विद्यामंदिर, जीआईसी बलुवाकोट, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बलुवाकोट, जीआईसी बरम, जीआईसी जौलजीबी, शिशुमंदिर जौलजीबी आदि विद्यालयों के बच्चों ने कई प्रस्तुतियां दी। स्थानीय कलाकारों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत लोकगीत एवं लोक नृत्य को लोगों ने विशेष पसंद किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले को देखते हुए झूलापुल से रात 10 बजे तक आवागमन हो रहा है।
विज्ञापन
मंच संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करन थापा, डीएन भट्ट ने किया। रात को आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार आइबी मल्ल, पेशकार खीमानंद भट्ट, दारमा सामाजिक एवं विकास समिति के महासचिव जगत सिंह दताल, शंकर भट्ट, शकुंतला दताल, जानकी बुर्फाल, राजू बुर्फाल आदि मौजूद थे। जौलजीबी मेले में शांति व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। रात में मेला स्थल पर हंगामा रोकने के लिए पिछले दो दिनों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
विज्ञापन