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नलों में पानी नहीं आने से नौलों पर निर्भर हुए बेलपट्टी क्षेत्र के लोग
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बेलपट्टी के रौतेड़ा गांव में सूखे पड़े नल।
- फोटो : PITHORAGARH
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। तहसील के बेलपट्टी के सुदूरवर्ती गांव रौतेड़ा में पानी की भारी किल्लत हो गई है। गांव के लिए बनी एकमात्र पेयजल लाइन में भी अब पानी बहुत कम हो गया है। इस साल बारिश नहीं होने के कारण स्रोत में भी पानी की कमी हो गई है। योजना में पानी नहीं आने से ग्रामीण अब नोलों पर निर्भर हो गए हैं।
बारिश नहीं होने से नोलों में भी जल स्तर कम हो गया है। लोगों को रात- रात जागकर पानी भरना पड़ रहा है। गांव के 78 वर्षीय पूर्व प्रधान दान सिंह ने बताया कि अपने लिए तो पानी की जैसे-तैसे व्यवस्था हो जाती है, लेकिन जानवरों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है। वहीं जंगलों में भीषण आग लगने के कारण पशुओं के लिए चारे की समस्या भी पैदा हो गई है। गांव में बने पुराने जल स्रोत लगभग सूखने की कगार पर हैं। शीघ्र बारिश न होने पर आने वाले समय में स्थिति और विकराल हो जाएगी।
गांव में एक भी हैंडपंप नहीं है। विभाग को कई बार लिखित सूचना के बावजूद भी गांव में अभी तक एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है। विगत वर्ष तक गांव में पेयजल विभाग टैंकर से पानी की आपूर्ति करता था, लेकिन इस बार अभी तक टैंकर की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम प्रधान पूरन सिंह का कहना है कि सरकार को शीघ्र ही बेलपट्टी पेयजल योजना का कार्य शुरू कराना चाहिए। जिससे पेयजल की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र बेलपट्टी पेयजल योजना का कार्य प्रारंभ नहीं होगा तो सभी ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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बारिश नहीं होने से नोलों में भी जल स्तर कम हो गया है। लोगों को रात- रात जागकर पानी भरना पड़ रहा है। गांव के 78 वर्षीय पूर्व प्रधान दान सिंह ने बताया कि अपने लिए तो पानी की जैसे-तैसे व्यवस्था हो जाती है, लेकिन जानवरों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो गया है। वहीं जंगलों में भीषण आग लगने के कारण पशुओं के लिए चारे की समस्या भी पैदा हो गई है। गांव में बने पुराने जल स्रोत लगभग सूखने की कगार पर हैं। शीघ्र बारिश न होने पर आने वाले समय में स्थिति और विकराल हो जाएगी।
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गांव में एक भी हैंडपंप नहीं है। विभाग को कई बार लिखित सूचना के बावजूद भी गांव में अभी तक एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है। विगत वर्ष तक गांव में पेयजल विभाग टैंकर से पानी की आपूर्ति करता था, लेकिन इस बार अभी तक टैंकर की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम प्रधान पूरन सिंह का कहना है कि सरकार को शीघ्र ही बेलपट्टी पेयजल योजना का कार्य शुरू कराना चाहिए। जिससे पेयजल की समस्या का शीघ्र समाधान हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र बेलपट्टी पेयजल योजना का कार्य प्रारंभ नहीं होगा तो सभी ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
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