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शहीद का पार्थिव शरीर आज पहुंचने की संभावना
ब्यूरो/अमर उजाला, थल/पिथौरागढ़
Updated Sat, 26 Nov 2016 09:56 PM IST
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पांखू के पाली गांव में शहीद चंद्र सिंह के घर पर छाई सुनसानी
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी में आतंकवादी वारदात में शहीद चंद्र सिंह का पार्थिव शरीर मौसम की खराबी की वजह से शनिवार को कश्मीर से नहीं लाया जा सका। शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को यहां पहुंचने की उम्मीद है। शहीद की वीरांगना चंद्रकला देवी और दोनों बच्चियां हल्द्वानी से घर पहुंच गई हैं। मां और पत्नी को शहादत की सूचना परिजनों ने अब भी नहीं दी है।
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शहीद का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचने की सूचना थी। ब्रिगेड मुख्यालय में सम्मान की तैयारियां की गई थी। शाम को सूचना आई कि मौसम की खराबी की वजह से शहीद का पार्थिव शरीर कश्मीर से नहीं लाया जा सका है। सैन्य सूत्रों के अनुसार अब शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचेगा। ब्रिगेड मुख्यालय में शहीद को सम्मान दिया जाएगा। उसके बाद सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर को उनके गांव ले जाया जाएगा।
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शहीद के गांव पाली में माहौल बेहद गमगीन है। शहीद की वीरांगना चंद्रकला देवी और बेटियां नेहा (9), निशा (6) शनिवार सुबह घर पहुंच गई हैं। उनके साथ ही शहीद की मां कौशल्या देवी (70) को शहादत की सूचना अब तक नहीं दी गई है। इन लोगों को चंद्र सिंह के घायल होने की बात बताई गई है। शहीद के घर पर सुनसानी का माहौल है। शहीद के भाई शिक्षक साधो सिंह ने भाई की शहादत पर फर्क करते हुए कहा कि भाई के जाने का दुख तो है, लेकिन वह देश के काम आया यह गौरव की बात है। साधो चाहते हैं कि भारतीय सेना उनके भाई समेत भारतीय सेना के शहीदों का ऐसा बदला ले कि पाकिस्तान फिर कभी सिर उठाकर हिंदुस्तान की ओर देखने की हिम्मत न कर सके।
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