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चट्टान टूटने से भराड़ीगाड़ में बनी झील, तीन गांवों को खतरा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:33 AM IST
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पिथौरागढ (उत्तराखंड) के भराड़ी गाड़ में पहाड़ी गिरने से बनी झील । इससे चार गांव खतरे की जद में हैं।
पिथौरागढ (उत्तराखंड) के भराड़ी गाड़ में पहाड़ी गिरने से बनी झील । इससे चार गांव खतरे की जद में हैं। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़ /मुनस्यारी/बंगापानी। लगातार हो रही बारिश की वजह से मुनस्यारी के मालूपाती में चट्टान दरकने से भराड़ी गाड़ में बड़ी झील बन गई है। अगर झील टूटी तो तीन से चार गांवों को खतरा पैदा हो सकता है। जिले में बारिश की वजह से आए मलबे से 10 सड़कें बंद चल रही हैं। शुक्रवार रात बंद रही जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क को बीआरओ ने मशीन किराए पर लेकर खुलवाया। पैदल रास्ता बहने से जिले के अंतिम गांव नामिक अलग-थलग पड़ गया है।
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भारी बारिश के कारण मुनस्यारी के ग्राम पंचायत हरकोट में 11:30 बजे मालूपाती के पास चट्टान टूटकर भराड़ी गाड़ में गिर गई। इस कारण यहां झील बन गई है। भराड़ी गाड़ का पानी ज्यादा देर रुकने और बारिश होने से यहां खतरा हो गया है। अगर ये झील टूटी तो रूमालखेत, मल्ल और तल्ला भदेली को काफी नुकसान हो सकता है। झील बनने की जानकारी के बाद राजस्व टीम मौके लिए रवाना हेा गई है। बता दें कि मालूपाती, मल्ला तल्ला भदेली आपदा प्रभावित क्षेत्र है। यहां जमीन दरक रही है।

भारी बारिश के कारण मलबा आने से बंद हुई जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क घिंगरानी (बंगापानी) सड़क बीआरओ ने सुबह 9:20 बजे खोली। सड़क बंद होने से हल्द्वानी, पिथौरागढ़, धारचूला, मदकोट, मुनस्यारी की गाड़ियां फंसी रहीं। रामगंगा पर बने पुल के पास भूस्खलन होने से नामिक गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता नदी में समा गया है। इससे गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया है। तवाघाट-लिपूलेख सड़क में गर्बाधार मलगाड़ के पास भूस्खलन के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इस कारण पैदल आवाजाही कर रहे लोगों को दिक्कत हो रही है।
तांकुल में पहाड़ी गिरे पत्थर की चपेट में आने से युवक घायल
धारचूला(पिथौरागढ़)। पहाड़ी से गिरे पत्थर से तांकुल निवासी कैलाश बिष्ट घायल हो गए। सीएचसी धारचूला में उनका उपचार किया गया। उनके सिर में दो टांके लगे हैं। ग्राम प्रधान रुकमणी बिष्ट ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभाग की मिली भगत से बिना सर्वे सड़क काटी जा रही है। घायल कैलाश बिष्ट ने बताया कि ठेकेदार ने पैदल मार्ग के ऊपर मनमर्जी से मलबा फेंका है, जिससे गिरे पत्थर की चपेट में वह आ गए। भाजयुमो प्रदेश मंत्री राजेंद्र नेगी ने बताया कि घायल युवक का मेडिकल कर लिया है। कल थाना पांगला में जाकर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
मलबा आने से छह घंटे बंद रहा पूर्णागिरि मार्ग
टनकपुर (चंपावत)। शनिवार सुबह हुई तेज बारिश से पहाड़ी से गिरा मलबा मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर हनुमानचट्टी के पास जमा हो गया। इस कारण करीब छह घंटे तक यातायात बंद रहा। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि दोपहर 12 बजे मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। इससे पूर्व भी हनुमानचट्टी के पास चट्टान का विशाल चट्टान सड़क पर गिरने से करीब तीन सप्ताह तक मार्ग बंद रहा था, लेकिन इस बार पुराने स्थान से सौ मीटर पहले पहाड़ी दरकी है।
जलस्तर कम होते ही बैराज से वाहनों का संचालन शुरू
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी का जलस्तर कम होते ही बैराज से वाहनों का संचालन शुरू हो गया। शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटेंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हुई वर्षा के बाद शुक्रवार को शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ गया था। शुक्रवार रात एक बजे नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होकर 64,981 क्यूसेक रह गया था। इसके बाद बैराज से रेडअलर्ट हटाया गया। शनिवार को क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 12 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

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