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Pithoragarh News: नए भवनों का ढांचा खड़ा कर गायब हो गई कार्यदायी संस्था
Wed, 20 Aug 2025 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:39 PM IST
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डीडीहाट में 10 साल से अधूरा पड़ा तहसील का आवासीय भवन। संवाद
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। तहसील कर्मियों के लिए नए आवासीय भवनों के निर्माण की 10 साल पहले मंजूरी मिली। काम शुरू करने के एक साल बाद ही कार्यदायी संस्था गायब हो गई। आवासीय भवनों के निर्माण के नाम पर एक करोड़ रुपये डूब गए लेकिन सिर्फ नोटिस देकर जिम्मेदारी निभाई जा रही है। तहसील कर्मी आज भी टूटे-फूटे पुराने बदहाल भवनों में रहने के लिए मजबूर हैं।
तहसील के कर्मचारियों के लिये 2015 में नए आवासीय भवन बनाने के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। यूपी निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई। तब कार्यदायी संस्था ने टाइप-टू भवनों के निर्माण का काम शुरू किया। एक साल बाद ही कुछ भवनों का ढांचा खड़ा कर कार्यदायी संस्था गायब हो गई। नये भवनों के नाम पर एक करोड़ रुपये खर्च कर कार्यदायी संस्था ने आगे का काम नहीं किया। तहसील प्रशासन ने इन 10 सालों में कई बार कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किए लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है।
तहसील के कर्मचारी 40 साल पुराने भवनों में ही अपने परिवार के साथ रहने के लिए मजबूर हैं। तहसीलदार के पास आवासीय भवन न होने से वह भी नगर में किराये के भवन में रह रहे हैं। एक करोड़ डूबने के बाद कार्यदायी संस्था को सिर्फ नोटिस जारी करना कई सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
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कोट
तहसील के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य को यूपी निर्माण निगम ने बंद कर दिया। कई बार पत्राचार करने के बाद भी उक्त संस्था काम शुरू नहीं कर रही है। अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिये शासन में पत्राचार किया जा रहा है।- खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट।
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तहसील के कर्मचारियों के लिये 2015 में नए आवासीय भवन बनाने के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। यूपी निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई। तब कार्यदायी संस्था ने टाइप-टू भवनों के निर्माण का काम शुरू किया। एक साल बाद ही कुछ भवनों का ढांचा खड़ा कर कार्यदायी संस्था गायब हो गई। नये भवनों के नाम पर एक करोड़ रुपये खर्च कर कार्यदायी संस्था ने आगे का काम नहीं किया। तहसील प्रशासन ने इन 10 सालों में कई बार कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किए लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है।
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तहसील के कर्मचारी 40 साल पुराने भवनों में ही अपने परिवार के साथ रहने के लिए मजबूर हैं। तहसीलदार के पास आवासीय भवन न होने से वह भी नगर में किराये के भवन में रह रहे हैं। एक करोड़ डूबने के बाद कार्यदायी संस्था को सिर्फ नोटिस जारी करना कई सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
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तहसील के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य को यूपी निर्माण निगम ने बंद कर दिया। कई बार पत्राचार करने के बाद भी उक्त संस्था काम शुरू नहीं कर रही है। अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिये शासन में पत्राचार किया जा रहा है।- खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट।