{"_id":"69d14cda78a565d39b0698fb","slug":"the-hills-of-munsiyari-were-covered-in-a-white-sheet-rain-fell-in-the-lower-areas-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-140207-2026-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: मुनस्यारी की पहाड़ियों ने ओढ़ी सफेद चादर, निचले इलाकों में बरसे बदरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: मुनस्यारी की पहाड़ियों ने ओढ़ी सफेद चादर, निचले इलाकों में बरसे बदरा
Sat, 04 Apr 2026 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। सीमांत जनपद में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। शनिवार सुबह जिले की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट से क्षेत्र में ठंड लौट आई है।
मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा, नाग्निधुरा, पंचाचूली और छिपलाकेदार की चोटियों पर शनिवार को हल्का हिमपात हुआ। जिला मुख्यालय में शुक्रवार से ही बादलों का डेरा था। शनिवार दोपहर एक बजे के बाद हुई रिमझिम बारिश ने मौसम खुशनुमा बना दिया। धारचूला, दारमा और व्यास घाटी में भी पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
वनाग्नि से मिली मुक्ति
इस बारिश का सबसे सकारात्मक परिणाम जंगलों के लिए रहा। पिछले कई दिनों से जिले के जंगलों में लगी आग बारिश के कारण शांत हो गई है। वनाग्नि बुझने से वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
बेमौसम बारिश से फसलों को हुआ नुकसान
अस्कोट। खेतों में इस समय फसल पकने के लिए तैयार है। कई जगहों पर किसान फसलों को समेटने की तैयारी कर रहे है। ऐसे में मौसम के तेवर देख से किसान घबराए हुए हैं। उनका कहना है कि बारिश के साथ यदि ओलावृष्टि हुई तो काफी नुकसान हो जाएगा। फसलों को अपेक्षाकृत गर्मी नहीं मिलने से भी नुकसान हो रहा है। काश्तकार मंजू देवी, तुलसी देवी का कहना है कि लंगूर-बंदरों से जैसे-तैसे खेती बचाई है। अब पकते समय बेमौसम की बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है।
विज्ञापन
मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा, नाग्निधुरा, पंचाचूली और छिपलाकेदार की चोटियों पर शनिवार को हल्का हिमपात हुआ। जिला मुख्यालय में शुक्रवार से ही बादलों का डेरा था। शनिवार दोपहर एक बजे के बाद हुई रिमझिम बारिश ने मौसम खुशनुमा बना दिया। धारचूला, दारमा और व्यास घाटी में भी पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
वनाग्नि से मिली मुक्ति
इस बारिश का सबसे सकारात्मक परिणाम जंगलों के लिए रहा। पिछले कई दिनों से जिले के जंगलों में लगी आग बारिश के कारण शांत हो गई है। वनाग्नि बुझने से वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
बेमौसम बारिश से फसलों को हुआ नुकसान
अस्कोट। खेतों में इस समय फसल पकने के लिए तैयार है। कई जगहों पर किसान फसलों को समेटने की तैयारी कर रहे है। ऐसे में मौसम के तेवर देख से किसान घबराए हुए हैं। उनका कहना है कि बारिश के साथ यदि ओलावृष्टि हुई तो काफी नुकसान हो जाएगा। फसलों को अपेक्षाकृत गर्मी नहीं मिलने से भी नुकसान हो रहा है। काश्तकार मंजू देवी, तुलसी देवी का कहना है कि लंगूर-बंदरों से जैसे-तैसे खेती बचाई है। अब पकते समय बेमौसम की बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है।