{"_id":"fd176c2be0805327d8ba905a3ae70ea8","slug":"the-engineer-will-not-meet-demand-in-19-offices-lockout-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांग पूरी न होने पर इंजीनियर 19 से कार्यालयों में करेंगे तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांग पूरी न होने पर इंजीनियर 19 से कार्यालयों में करेंगे तालाबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 11 Dec 2015 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
18 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले में डिप्लोमा इंजीनियरों की बेमियादी हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को उत्तराखंड जल संस्थान के डिप्लोमा इंजीनियर भी हड़ताल शामिल हो गए हैं।
महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि 10 दिसंबर को देहरादून में प्रांतीय उच्चाधिकार समिति की बैठक की गई थी, जिसमें 19 दिसंबर को सभी इंजीनियरिंग विभागों के कार्यालयों में तालाबंदी और एक दिन का सामूहिक अवकाश में रहने का निर्णय लिया गया है। कहा कि 21 दिसंबर से देहरादून मुख्यालय में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और 28 दिसंबर को सचिवालय घेराव कर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। यदि फिर भी न्यायोचित मांगें नहीं मानी गई तो 29 दिसंबर को फिर से उच्चाधिकार समिति की बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
भाकपा माले के जिला सचिव गोविंद कफलिया ने आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देने और आगे होने वाले आंदोलन में पूरी भागीदारी की बात कही। धरने में कमलकांत जोशी, दिनेश जोशी, सुरेश जोशी, मोहन रावत, केके भट्ट, जीएन पुनेठा, सीएम चन्याल, मनीष खड़ायत, मदन मोहन, शालिनी गुप्ता, प्रदीप नेगी, तनुजा तिवारी, रुचि, वंदना ठाकुर, रुचि बोरा, वंदना रावत समेत तमाम इंजीनियर शामिल हुए। संचालन छविमोहन पांडेय ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि 10 दिसंबर को देहरादून में प्रांतीय उच्चाधिकार समिति की बैठक की गई थी, जिसमें 19 दिसंबर को सभी इंजीनियरिंग विभागों के कार्यालयों में तालाबंदी और एक दिन का सामूहिक अवकाश में रहने का निर्णय लिया गया है। कहा कि 21 दिसंबर से देहरादून मुख्यालय में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और 28 दिसंबर को सचिवालय घेराव कर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। यदि फिर भी न्यायोचित मांगें नहीं मानी गई तो 29 दिसंबर को फिर से उच्चाधिकार समिति की बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
भाकपा माले के जिला सचिव गोविंद कफलिया ने आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देने और आगे होने वाले आंदोलन में पूरी भागीदारी की बात कही। धरने में कमलकांत जोशी, दिनेश जोशी, सुरेश जोशी, मोहन रावत, केके भट्ट, जीएन पुनेठा, सीएम चन्याल, मनीष खड़ायत, मदन मोहन, शालिनी गुप्ता, प्रदीप नेगी, तनुजा तिवारी, रुचि, वंदना ठाकुर, रुचि बोरा, वंदना रावत समेत तमाम इंजीनियर शामिल हुए। संचालन छविमोहन पांडेय ने किया।
विज्ञापन