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पारंपरिक धारों और जल स्रोतों की सफाई की
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:05 PM IST
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सफाई
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम सुकौली में जारी एलएसएम पीजी कॉलेज पिथौरागढ़ के एनएसएस शिविर में छात्रों ने पारंपरिक धारों और जल स्रोतों की सफाई के साथ रास्तों की मरम्मत का काम किया। छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण और प्रदूषित जल से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
शिविरार्थियों ने जल बचाओ जीवन बचाओ, पानी अगर न बचाओगे खुद प्यासे रह जाओगे आदि नारों के साथ गांव में रैली निकालकर जागरूक किया। बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि बीबीए के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव जोशी ने कैशलेस लेनदेन की जानकारी दी। वहां पर एनएसएस प्रभारी डॉ. जीवन सिंह गढ़िया, डॉ. रेखा पांडेय, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. भरत चुफाल, डॉ. पुष्कर बिष्ट आदि थे। बौद्धिक सत्र का संचालन छात्र अमित जोशी ने किया।
शिविरार्थियों ने जल बचाओ जीवन बचाओ, पानी अगर न बचाओगे खुद प्यासे रह जाओगे आदि नारों के साथ गांव में रैली निकालकर जागरूक किया। बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि बीबीए के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव जोशी ने कैशलेस लेनदेन की जानकारी दी। वहां पर एनएसएस प्रभारी डॉ. जीवन सिंह गढ़िया, डॉ. रेखा पांडेय, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. भरत चुफाल, डॉ. पुष्कर बिष्ट आदि थे। बौद्धिक सत्र का संचालन छात्र अमित जोशी ने किया।
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