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केंद्र सरकार ने गरीबों की पुत्रियों के विवाह का बजट रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 25 Dec 2016 10:44 PM IST
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दर्जा राज्यमंत्री गीता ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड समाज कल्याण अनुश्रवण समिति की उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री गीता ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति की लड़कियों और विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए बजट रोक दिया है। कहा कि यह रकम कांग्रेस की सरकार केंद्र में रहने के दौरान लगातार आती रही, लेकिन जैसे ही केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, इस रकम पर एक तरह से अघोषित रोक लग गई है।
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रविवार को पिथौरागढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के गरीबों की पुत्रियों की शादी के लिए 50,000 रुपया दिया जाता है, लेकिन अकेले पिथौरागढ़ जिले में अनुसूचित जाति की लड़कियों के विवाह के 168 मामले वर्ष 2015-16 से पेंडिंग हैं। इन लोगों को पुत्रियों का विवाह का पैसा नहीं मिला है। विधवा महिला की पुत्री के विवाह के लिए भी 50,000 रुपए दिए जाते हैं। बजट के अभाव में पिथौरागढ़ जिले में विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के 21 मामले लंबित हैं।
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उन्होंने कहा मोदी सरकार दलित, गरीब, पिछड़ों की हितैषी होने का ढोंग रच रही है। पिछड़ी जाति के विद्यार्थियों को इस जिले में 50 लाख रुपए दिए जाने हैं। समाज कल्याण विभाग पिछले साल राज्य सरकार के माध्यम से धन की डिमांड केंद्र को भेज चुका है, लेकिन अब तक धन नहीं मिला। बताया कि छात्रवृत्ति के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को 60,000 प्रतिवर्ष रुपए दिए जाते हैं। अकेले सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के 90 विद्यार्थियों को एक साल से छात्रवृत्ति नहीं मिली है।
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पार्टी का आदेश होगा तो सोमेश्वर से चुनाव लड़ेंगी
कांग्रेस के टिकट पर सोमेश्वर से चुनाव लड़ने के सवाल पर गीता ठाकुर ने कहा कि पार्टी का आदेश होगा तो वह अवश्य वहां से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि सोमेश्वर के लोगों ने कांग्रेस का विधायक वहां चुना था। विधायक दूसरी पार्टी में शामिल हो गईं। सोमेश्वर को विधायक विहीन कर दिया। इस बात को लेकर सोमेश्वर के लोगों में गुस्सा है। सोमेश्वर में कांग्रेस का मजबूत आधार है। यह बात आने वाले चुनाव में एक बार फिर साबित हो जाएगी।