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Pithoragarh News: बह गया बजट लेकिन तीन साल में नल से नहीं टपका जल
Thu, 20 Nov 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 20 Nov 2025 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में गंगोलीहाट की पेयजल योजनाओं की जांच की मांग पर एडीएम योगेंद्र सिंह को ज्
पिथौरागढ़। जल जीवन मिशन के नाम पर गंगोलीहाट में अनियमितताएं सामने आई हैं। क्षेत्र की 62 पेयजल योजनाओं के लिए तीन साल पहले 10 करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान कर दिया गया। इनमें से ज्यादातर योजनाओं का अस्तित्व सिर्फ फाइलों में है। जिन योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है वहां नल आज भी सूखे हैं। एक आरटीआई में इसका खुलासा होने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं।
चार साल पहले प्रस्तावित 50 करोड़ रुपये की इन योजनाओं को 2022-23 में पूरा होना था। इनको 2022-23 में पूरा होना था। ग्रामीणों की परेशानी आज भी जस की तस है लेकिन अफसरों ने सरकारी रिकाॅर्ड में पेयजल क्रांति ला दी। ये योजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं तो क्षेत्र के मदन सन्याल ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी। आरटीआई के जवाब से सामने आया कि स्वीकृति के तुरंत बाद भारी धनराशि तो निकाल ली गई मगर निर्माण ने रफ्तार नहीं पकड़ी। जिन योजनाओं को कागजों पर पूर्ण दिखाया गया है इसके तहत लगे नलों से पानी की एक बूंद आज तक नहीं टपकी है।
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जांच के आदेश हवा हो गए
पिथौरागढ़। मामले के खुलासे के बाद जाग उठा पहाड़ ने तीन महीने पूर्व डीएम से इसकी जांच की मांग की थी। डीएम ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता को और उन्होंने गंगोलीहाट जल निगम के ईई को जांच के आदेश जारी किए। तीन महीने बाद भी इस गंभीर मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी है और इसकी रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर ने बृहस्पतिवार को फिर से कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम योगेंद्र सिंह को सभी तथ्य, प्रमाण और दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए जल्द इस मामले से पर्दा न उठने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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कोट
करोड़ों रुपये का एडवांस भुगतान होने के बाद भी पेयजल योजनाओं का निर्माण न होना गंभीर है। इस मामले की जांच की जाएगी। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़
कोट
पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए सामग्री के लिए कुछ धनराशि का एडवांस भुगतान किया जा सकता है। फिर भी इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि तय समय पर योजनाओं का निर्माण नहीं हुआ है तो संबंधित पर जुर्माना लगेगा। योजनाओं के निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - रंजीत धर्मसक्तू, एसई, जल निगम, पिथौरागढ़
कोट
गंगोलीहाट में जन जीवन मिशन योजना के तहत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। आरटीआई में इसके खुलासे के बाद भी शासन-प्रशासन चुप है। यदि इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर दोषियों को सार्वजनिक नहीं किया गया तो आंदोलन होगा। - गोपू महर, संयोजक, जाग उठा पहाड़, पिथौरागढ़
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चार साल पहले प्रस्तावित 50 करोड़ रुपये की इन योजनाओं को 2022-23 में पूरा होना था। इनको 2022-23 में पूरा होना था। ग्रामीणों की परेशानी आज भी जस की तस है लेकिन अफसरों ने सरकारी रिकाॅर्ड में पेयजल क्रांति ला दी। ये योजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं तो क्षेत्र के मदन सन्याल ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी। आरटीआई के जवाब से सामने आया कि स्वीकृति के तुरंत बाद भारी धनराशि तो निकाल ली गई मगर निर्माण ने रफ्तार नहीं पकड़ी। जिन योजनाओं को कागजों पर पूर्ण दिखाया गया है इसके तहत लगे नलों से पानी की एक बूंद आज तक नहीं टपकी है।
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जांच के आदेश हवा हो गए
पिथौरागढ़। मामले के खुलासे के बाद जाग उठा पहाड़ ने तीन महीने पूर्व डीएम से इसकी जांच की मांग की थी। डीएम ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता को और उन्होंने गंगोलीहाट जल निगम के ईई को जांच के आदेश जारी किए। तीन महीने बाद भी इस गंभीर मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी है और इसकी रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर ने बृहस्पतिवार को फिर से कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम योगेंद्र सिंह को सभी तथ्य, प्रमाण और दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए जल्द इस मामले से पर्दा न उठने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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करोड़ों रुपये का एडवांस भुगतान होने के बाद भी पेयजल योजनाओं का निर्माण न होना गंभीर है। इस मामले की जांच की जाएगी। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़
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पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए सामग्री के लिए कुछ धनराशि का एडवांस भुगतान किया जा सकता है। फिर भी इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि तय समय पर योजनाओं का निर्माण नहीं हुआ है तो संबंधित पर जुर्माना लगेगा। योजनाओं के निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - रंजीत धर्मसक्तू, एसई, जल निगम, पिथौरागढ़
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गंगोलीहाट में जन जीवन मिशन योजना के तहत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। आरटीआई में इसके खुलासे के बाद भी शासन-प्रशासन चुप है। यदि इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर दोषियों को सार्वजनिक नहीं किया गया तो आंदोलन होगा। - गोपू महर, संयोजक, जाग उठा पहाड़, पिथौरागढ़