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रसियाबगड़ में बनेगा 150 मीटर लंबा पक्का पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी /पिथौरागढ़
Updated Sat, 06 Feb 2016 10:17 PM IST
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नाचनी के पास रसियाबगड़ में हर साल रामगंगा में बनने वाले अस्थायी पुल से अब बागेश्वर जिले के कई गांवों को मुक्ति मिल जाएगी। हालांकि इस बार भी यह अस्थायी पुल अस्तित्व में है, लेकिन अगली बार से शायद लोगों को यह अस्थायी पुल बनाने की जरूरत न पड़े, क्योंकि लोक निर्माण विभाग ने रसियाबगड़ में पक्का पुल बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।
रसियाबगड़ में बागेश्वर जिले के काभड़ी, कालासेर, कैंचुआ, लेदुवाबगड़, पलनाधूरा, सेटी समेत अन्य गांवों के लोग हर साल अक्तूबर में रामगंगा का जल स्तर कम होने के बाद श्रमदान से अस्थायी पुल का निर्माण करते हैं। अस्थायी पुल को करीब 30 फीट लंबा बनाया जाता है। इसे तैयार करने में पांच दिन लग जाते हैं। जून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह पुल हर साल बह जाता है। इसी पुल से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, बारातें निकला करती हैं।
अमर उजाला ने लोगों की इस मजबूरी को कई बार सामने लाने का प्रयास किया था। साथ ही सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश की थी। इस बार बागेश्वर के विधायक ललित फर्स्वाण ने इस मुद्दे को मजबूती के साथ सरकार के सामने रखा था, जिस पर सरकार ने रसियाबगड़ में 150 मीटर लंबा पक्का पुल बनाने की मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण विभाग जल्दी ही पुल के निर्माण का काम करेगा। क्षेत्र के लोगों में इस बात की खुशी है कि पक्का पुल बन जाने पर अस्थायी पुल बनाने की मजबूरी समाप्त हो जाएगी।
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रसियाबगड़ में बागेश्वर जिले के काभड़ी, कालासेर, कैंचुआ, लेदुवाबगड़, पलनाधूरा, सेटी समेत अन्य गांवों के लोग हर साल अक्तूबर में रामगंगा का जल स्तर कम होने के बाद श्रमदान से अस्थायी पुल का निर्माण करते हैं। अस्थायी पुल को करीब 30 फीट लंबा बनाया जाता है। इसे तैयार करने में पांच दिन लग जाते हैं। जून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह पुल हर साल बह जाता है। इसी पुल से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, बारातें निकला करती हैं।
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अमर उजाला ने लोगों की इस मजबूरी को कई बार सामने लाने का प्रयास किया था। साथ ही सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश की थी। इस बार बागेश्वर के विधायक ललित फर्स्वाण ने इस मुद्दे को मजबूती के साथ सरकार के सामने रखा था, जिस पर सरकार ने रसियाबगड़ में 150 मीटर लंबा पक्का पुल बनाने की मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण विभाग जल्दी ही पुल के निर्माण का काम करेगा। क्षेत्र के लोगों में इस बात की खुशी है कि पक्का पुल बन जाने पर अस्थायी पुल बनाने की मजबूरी समाप्त हो जाएगी।
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