फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Taklakot returned two days ago from merchant

तकलाकोट से दो दिन पहले लौट आए व्यापारी

Mon, 31 Oct 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़) Updated Mon, 31 Oct 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
तिब्बत की मंडी तकलाकोट से भारतीय व्यापारियों का अंतिम दल निर्धारित समय से दो दिन पहले 29 अक्तूबर की शाम ही लिपुलेख दर्रा पारकर भारतीय क्षेत्र में आ गया है। सीमांत व्यापारियों ने दीपावली अपने परिजनों के संग मनाई। इस अंतिम दल में 34 व्यापारी थे। इसी के साथ भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार 2016 का समापन हो गया है। ट्रेड कार्यालय ने इस वर्ष के आयात-निर्यात का अंतिम आंकड़ा भी जारी कर दिया है। इस बार 63 लाख 55 हजार 499 रुपए का आयात हुआ, जबकि 5 करोड़ 86 लाख 17 हजार 330 रुपए के सामान का निर्यात हुआ। पिछले साल आयात करीब 3.5 करोड़ रुपए और निर्यात 4.5 करोड़ रुपए का हुआ था। व्यापारी इस बात से खुश हैं कि तिब्बत की मंडी में भारतीय सामान की खपत बढ़ने लगी है। गुड़, मिश्री के निर्यात पर रोक के बावजूद व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में सामान तिब्बत की मंडी पहुंचाया।

भारतीय व्यापारी इस बार तिब्बत की मंडी तक क्रॉकरी का सामान, काफी, चाय पत्ती, सोन पापड़ी (मिठाई), माचिस, सुरती, रेडीमेड कपड़े, एल्युमीनियम के बर्तन, स्टील के बर्तन बड़ी मात्रा में ले गए, जबकि तिब्बत से ऊन, जैकेट, जूते, चंवर गाय की पूंछ लेकर आए हैं। भारत-तिब्बत व्यापार के ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि अब तिब्बत की मंडी से सभी व्यापारी लौट आए हैं। अंतिम दल में गुंजी, गर्ब्यांग, दारमा, चौदांस के व्यापारी ज्यादा थे। उन्होंने बताया कि इस बार आयात और निर्यात का अंतर बहुत ज्यादा रहा। भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सचिव चकर सिंह गर्ब्याल, प्रभात पायर, जगदीश सिंह, दौलत रायपा, पदम सिंह रायपा ने बताया कि निर्यात बढ़ना अच्छी बात है। अगले साल से ज्यादा मात्रा में सामान तिब्बत की मंडी पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन


बैंक और कस्टम कार्यालय हुए बंद
धारचूला। गुंजी में भारत-तिब्बत व्यापार के लिए खोले गए स्टेट बैंक की अस्थायी शाखा बंद कर दी गई है। बैंक के कर्मचारी लौट आए हैं। कस्टम विभाग की चौकी भी बंद कर दी गई है। कस्टम विभाग के कर्मचारी भी गुंजी से लौट आए हैं। जून में व्यापार शुरू होते ही बैंक और कस्टम के अस्थायी कार्यालय खुल गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले कभी नहीं बढ़ा इतना ज्यादा निर्यात
धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार 1992 से शुरू हुआ था। प्रथम वर्ष 1992 में 281 व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट गए और उन्होंने 12 लाख 9 हजार 240 रुपए मूल्य का आयात और 3 लाख 15 हजार 114 रुपए मूल्य के सामान का निर्यात किया था। तब चीन के सात व्यापारी भारतीय मंडी गुंजी भी पहुंचे थे। 2015 में 191 व्यापारियों ने इस व्यापार में हिस्सा लिया। उन्होंने 3 करोड़ 26 लाख 18 हजार 457 रुपए का आयात और 1 करोड़ 62 लाख 32 हजार 670 रुपए मूल्य के सामान का निर्यात किया था। वर्ष 2016 में आयात और निर्यात की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। इस बार आयात से निर्यात की स्थिति काफी बेहतर है। इस बार कुल 195 व्यापारी तकलाकोट गए। इस बार 63 लाख 55 हजार 499 रुपए मूल्य का सामान आयात हुआ, जबकि निर्यात 5 करोड़ 86 लाख 17 हजार 330 रुपए पहुंचा है। यह अब तक का रिकार्ड है। बीच के वर्षों में भी हमेशा आयात अधिक और निर्यात कम होता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed