{"_id":"5842f5534f1c1b0c1ede918d","slug":"taekwondo-coach-of-ten-years-rigorous-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताइक्वांडो कोच को दस साल का सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताइक्वांडो कोच को दस साल का सश्रम कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:09 PM IST
विज्ञापन
विशेष सत्र न्यायाधीश का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष सत्र न्यायाधीश ने ताइक्वांडो कोच को दस साल के सश्रम कारावास और दस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को पॉस्को एक्ट में भी तीन साल की सजा सुनाई गई है। विशेष सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने शनिवार को यह फैसला सुनाया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार नगर में बच्चों को ताइक्वांडो सिखाने वाले कोच राकेश गिरी के यहां मई 2014 में एक सात वर्षीय बालिका अन्य बच्चों के साथ ताइक्वांडो सीखने जाती थी। बालिका के साथ उसका भाई भी ताइक्वांडो सीखने जाता था। आरोप है कि सीखने के लिए आने वाले बच्चों को यह कोच खेलने के लिए बाहर भेज देता था और बालिका के साथ अश्लील हरकत करने लगता। कुछ दिन बाद बालिका ने ताइक्वांडो सीखने जाने से मना कर दिया। करीब एक साल बाद मई 2015 में जब बालिका की मां ने बेटी से ताइक्वांडो सीखने के लिए नहीं जाने का कारण पूछा तो उसने सारी कहानी मां को बता दी। 27 मई 2015 को बालिका की मां ने कोच पिथौरागढ़ निवासी राकेश गिरी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
विज्ञापन
बताया गया कि तब तक राकेश गिरी पुलिस में भर्ती होकर रुद्रपुर ट्रेनिंग में चला गया था। अदालत में इस मामले में केस चला और गवाह के तौर पर आठ लोग न्यायालय में पेश किए गए। विशेष सत्र न्यायाधीश ने राकेश गिरी को धारा 376 (2) में दस साल के सश्रम कारावास, दस हजार रुपए का जुर्माना और जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास, पॉस्को एक्ट में तीन साल की सजा, पांच हजार रुपए जुर्माना और जुर्माना न देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुना दी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन