दोनों देश और सेनाओं के संबंधों को मिलेगी मजबूती : लेफ्टीनेंट जनरल पांडेय
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सूर्या कमांड के तत्वावधान और भारतीय थल सेना की पंचशूल ब्रिगेड के नेतृत्व में चल रहे भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य अभ्यास सूर्यकिरण-11 का सोमवार को समापन हो गया है। 14 दिनी सैन्य अभ्यास का समापन करते हुए भारतीय थल सेना के उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टीनेंट जनरल ललित कुमार पांडेय अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल (एवीएसएम, एसएम) ने कहा कि सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के संबंधों को मजबूती मिलेगी। सैन्य संबंधों में भी और मजबूती आएगी। नेपाल सेना के फार वेस्टर्न डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल दीपक प्रसाद भारती ने कहा सैन्य अभ्यास भारत और नेपाल के संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा।
सेना के मैत्री मैदान में हुए समारोह में दोनों देशों के जवान एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के लेफ्टीनेंट जनरल पांडेय ने कहा कि अभ्यास सैन्य गतिविधियों के साथ ही आपदा प्रबंधन के तरीकों को समझने में भी मददगार साबित हुआ। नेपाल सेना के मेजर जनरल दीपक प्रसाद भारती ने अभ्यास की सफलता पर दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों को बधाई दी। लेफ्टीनेंट जनरल पांडेय, नेपाल सेना के मेजर जनरल दीपक प्रसाद भारती, भारतीय सेना के मेजर जनरल बलवंत राज मेहता को दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों ने सलामी दी। लेफ्टीनेंट जनरल पांडेय और नेपाल के मेजर जनरल भारती ने एक-दूसरे को स्मृतिचिन्ह भेंट किया।
सैन्य अभ्यास के दौरान आतंकियों से लोहा लेने के साथ ही आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए गए। समापन समारोह में नेपाल के सेना के ब्रिगेडियर जनरल पद्म बहादुर आंग्बो, भारतीय सेना की पंचशूल ब्रिगेड के ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर राकेश मनोचा (सेना मेडल) मौजूद रहे। युद्धाभ्यास में भारतीय सेना का नेतृत्व पंजाब रेजीमेंट की एकता शक्ति बटालियन के कमांडेंट कर्नल नवीन राजन, नेपाली सेना का नेतृत्व दुर्गा बक्स बटालियन के लेफ्टीनेंट कर्नल सुधीर केसी ने किया।
सैन्य अभ्यास से किसी को कोई नुकसान नहीं
लेफ्टीनेंट जनरल ललित कुमार पांडेय ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि दोनों देशों के सहयोग से जवानों के स्किल डेवलपमेंट में मदद मिलती है। कभी साथ-साथ काम करना पड़े तो इस एक्सरसाइज का काफी लाभ मिलेगा। भारत-नेपाल के बीच 11 सालों से हो लगातार हो रहे सैन्य अभ्यास से अन्य पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में जनरल ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है। सैन्य अभ्यास से किसी को कोई नुकसान नहीं है। कहा कि भारतीय सेना अन्य कई देशों के साथ युद्धाभ्यास करती है। इससे सीख हासिल होती है।
जवान, अधिकारियों से मिले लेफ्टीनेंट जनरल
लेफ्टीनेंट जनरल ललित कुमार पांडेय ने जलपान के दौरान दोनों देशों के सैनिकों और अधिकारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा। उनका हौसला बढ़ाया। सैन्य अभ्यास के अनुभव जाने। दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों और जवानों ने एक साथ चाय, नाश्ता किया।
भारतीय सेना के हथियारों से फायरिंग करने का मौका मिला
युद्धाभ्यास के दौरान नेपाल सेना के सैनिकों को भारतीय सेना के प्रयोग में लाए जाने वाले हथियारों से फायरिंग करने का मौका मिला, इनमें अत्याधुनिक हथियार एके-47 भी शामिल थी। दोनों देशों के बीच हर छह महीने में सैन्य अभ्यास होता है। एक बार भारत तो एक बार नेपाल में अभ्यास किया जाता है।
नेपाली सेना के साथ दोस्ताना मैच
सैन्य अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों ने सैन्य अभ्यास के अतिरिक्त विभिन्न क्रियाकलापों में हिस्सा लिया। आपस में दोस्ताना बास्केटबाल, फुटबाल और वॉलीबाल मैच का आनंद उठाया। भारतीय सेना ने नेपाल की सैन्य टुकड़ी को स्थानीय पर्यटक स्थलों, मंदिरों का भ्रमण कराया गया। नेपाल के सैनिक पिथौरागढ़ के नैसर्गिक सौंदर्य और भारतीय सेना के अतिथि सत्कार से अभिभूत थे। समापन की पूर्व संध्या में कैंप फायर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।