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Pithoragarh News: सड़कों पर लावारिस पशुओं की दहशत, जिम्मेदारों ने फेरा मुंह
Sat, 04 Apr 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:10 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत नगर पिथौरागढ़ की सड़कों पर इन दिनों लावारिस जानवर आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। नगर के मुख्य चौराहों और लिंक मार्गों पर आवारा मवेशियों और श्वानों (कुत्तों) का डेरा होने से न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि राहगीरों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर निकाय और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं।
नगर के एंचोली, टकाना, घंटाघर, धोबीघाट, लिंक रोड और जीआईसी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में लावारिस मवेशियों के झुंड जमा रहते हैं। ये जानवर न सिर्फ सड़क पर जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि खड़े वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। हाल ही में घंटाघर क्षेत्र में एक युवक की खड़ी स्कूटी को जानवरों ने गिराकर क्षतिग्रस्त कर दिया। रात के समय ये मवेशी वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं।
खतरनाक हुए लावारिस श्वान
मवेशियों के साथ नगर में लावारिस श्वानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। रात के समय ये श्वान दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ते हैं जिससे घबराकर कई सवार चोटिल हो चुके हैं। मीट-मांस की दुकानों के आसपास इनका जमावड़ा सबसे अधिक रहता है जिससे सुबह टहलने वाले युवाओं और स्टेडियम जाने वाले बच्चों में भय का माहौल है।
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बोले लोग
- लावारिस श्वानों के कारण रात के समय कई दोपहिया वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं। वाहनों के पीछे दौड़ने से गंभीर हादसों का खतरा बना हुआ है। इनको मीट-मांस परोसने वालों ने समस्या को और बढ़ा दिया है। यह चिंता की बात है। - निर्मल साह, व्यवसायी, केमू स्टेशन
- लावारिस जानवरों के कारण स्टेडियम आने-जाने वाले छोटे बच्चे मुश्किल से आवाजाही कर पाते हैं। सुबह दौड़ने वाले युवा लावारिस श्वानों से परेशान हैं। समस्या के उचित समाधान को सभी को आगे आना चाहिए। मनोज शाही, व्यवसायी, स्पोर्ट्स स्टेडियम
- लावारिस जानवरों से यातायात बाधित होने के साथ ही दुकानों के बाहर जगह-जगह गंदगी हो जाती है। सिर्फ बातें करने के बजाय गोरक्षक दलों को भी इसके समाधान के लिए आगे आना चाहिए। - राजेंद्र सिंह बिष्ट, व्यवसायी, घंटाघर
- अब फिर से लावारिस जानवरों की समस्या बढ़ गई है। समस्या से सभी प्रभावित हैं। इसका जल्द हल निकाला जाना चाहिए। - त्रिभुवन कुंवर, व्यवसायी, धोबीघाट
- यातायात में बाधा के अलावा लावारिस जानवरों के कारण पैदल आवाजाही करने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिम्मेदारों को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। - रेखा कुंवर, शिक्षिका
कोट -
छह हजार लावारिस श्वानों का बधियाकरण करने के बाद फिलहाल यह प्रक्रिया रुकी हुई है। इस काम को करने वाले श्रमिकों के जल्द अपने घरों से लौटने पर प्रक्रिया फिर शुरू की जाएगी। फिर से कुछ मवेशी लावारिस छोड़े गए हैं जिन्हें गोसदनों में भेजा जाएगा। लोगों को भी मवेशियों को छोड़ने वालों की जानकारी नगर निगम को देनी चाहिए। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
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नगर के एंचोली, टकाना, घंटाघर, धोबीघाट, लिंक रोड और जीआईसी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में लावारिस मवेशियों के झुंड जमा रहते हैं। ये जानवर न सिर्फ सड़क पर जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि खड़े वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। हाल ही में घंटाघर क्षेत्र में एक युवक की खड़ी स्कूटी को जानवरों ने गिराकर क्षतिग्रस्त कर दिया। रात के समय ये मवेशी वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं।
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खतरनाक हुए लावारिस श्वान
मवेशियों के साथ नगर में लावारिस श्वानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। रात के समय ये श्वान दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ते हैं जिससे घबराकर कई सवार चोटिल हो चुके हैं। मीट-मांस की दुकानों के आसपास इनका जमावड़ा सबसे अधिक रहता है जिससे सुबह टहलने वाले युवाओं और स्टेडियम जाने वाले बच्चों में भय का माहौल है।
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बोले लोग
- लावारिस श्वानों के कारण रात के समय कई दोपहिया वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं। वाहनों के पीछे दौड़ने से गंभीर हादसों का खतरा बना हुआ है। इनको मीट-मांस परोसने वालों ने समस्या को और बढ़ा दिया है। यह चिंता की बात है। - निर्मल साह, व्यवसायी, केमू स्टेशन
- लावारिस जानवरों के कारण स्टेडियम आने-जाने वाले छोटे बच्चे मुश्किल से आवाजाही कर पाते हैं। सुबह दौड़ने वाले युवा लावारिस श्वानों से परेशान हैं। समस्या के उचित समाधान को सभी को आगे आना चाहिए। मनोज शाही, व्यवसायी, स्पोर्ट्स स्टेडियम
- लावारिस जानवरों से यातायात बाधित होने के साथ ही दुकानों के बाहर जगह-जगह गंदगी हो जाती है। सिर्फ बातें करने के बजाय गोरक्षक दलों को भी इसके समाधान के लिए आगे आना चाहिए। - राजेंद्र सिंह बिष्ट, व्यवसायी, घंटाघर
- अब फिर से लावारिस जानवरों की समस्या बढ़ गई है। समस्या से सभी प्रभावित हैं। इसका जल्द हल निकाला जाना चाहिए। - त्रिभुवन कुंवर, व्यवसायी, धोबीघाट
- यातायात में बाधा के अलावा लावारिस जानवरों के कारण पैदल आवाजाही करने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिम्मेदारों को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। - रेखा कुंवर, शिक्षिका
कोट -
छह हजार लावारिस श्वानों का बधियाकरण करने के बाद फिलहाल यह प्रक्रिया रुकी हुई है। इस काम को करने वाले श्रमिकों के जल्द अपने घरों से लौटने पर प्रक्रिया फिर शुरू की जाएगी। फिर से कुछ मवेशी लावारिस छोड़े गए हैं जिन्हें गोसदनों में भेजा जाएगा। लोगों को भी मवेशियों को छोड़ने वालों की जानकारी नगर निगम को देनी चाहिए। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़